कौन कहता है, बेटियां जिम्मेदारी होती हैं…
मीनाक्षी गर्ग… कौन कहता है ,बेटियां जिम्मेदारी होती हैं ,जिम्मेदारी नही ,ये तो घर की रौनके होती हैं ,खिलखिलाती जब
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मीनाक्षी गर्ग… कौन कहता है ,बेटियां जिम्मेदारी होती हैं ,जिम्मेदारी नही ,ये तो घर की रौनके होती हैं ,खिलखिलाती जब
Read Moreशब्द मेरे मीत…डा. महिमा सिंह …है क्यों यह बेहद जरूरीहम क्यों नहीं मानतेहोता वही जो विधाता ने रच दिया है,
Read Moreडाक्टर महिमा सिंह, चेन्नई, तमिलनाड… अटल रहे सुहाग सभी का हे वट वृक्ष ।रहे अक्षय सुहाग जैसे तुमहे अक्षय वट
Read More@ शब्द मसीहा केदारनाथ… इत्तेफाक सिर्फ अचानक होने वाली घटनायें नहीं हैं, कभी-कभी इत्तेफाक़ मेहनत से पैदा भी किए जाते
Read More@कवि छगनलाल मुथा, महाराष्ट्र… न ही मैं तंबाकू खाऊंगा,और न ही खाने दूंगा।कोई मेरे सामने खाएगा,उसको मैं टोक दूंगा। 20
Read More@मान बहादुर सिंह मानु… जान लेती हैपता नही कैसे-कैसेपहचान लेती हैपता नही कैसे-कैसे ?हमने कुछ भी नहीखाया देर से .
Read Moreडा. महिमा सिंह,चेन्नई, तमिलनाडु… चाय और ज़िन्दगी,एक जैसी ही तो है,दोनों का जितना घोलोगे,उतनी अच्छी बनेगी,सच में कुछ ऐसी ही,होती
Read Moreमान बहादुर सिंह “मानु”… गरीब हर दोपहरसूरज को सुलगाकरजला लेते है . . . .अपनी -अपनी बीड़ियाँऔर लाद लेते है
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