त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थीं राजयोगिनी बीके गोमा दीदी, हजारों श्रद्धालुओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
मऊ। ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ राजयोगिनी बीके गोमा दीदी के देहातीत होने के 13वें दिवस पर रविवार को मोहम्मदाबाद गोहना के पुरानी तहसील स्थित आरएस पैलेस में भव्य एवं दिव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश और नेपाल के विभिन्न केंद्रों से आईं करीब 200 शाखा प्रभारी बहनों सहित हजारों श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम नेपाल की प्रभारी राजयोगिनी परिणीता दीदी ने कहा कि बीके गोमा दीदी का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और निःस्वार्थ प्रेम का अद्वितीय उदाहरण था। उन्होंने गृहस्थ जीवन का त्याग कर आध्यात्मिक पथ अपनाया और अपना संपूर्ण जीवन समाज व मानवता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अपनी चल-अचल संपत्ति भी सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यों के लिए संस्था को समर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ राजयोगिनी सोमा दीदी, आजमगढ़ की रंजना दीदी, नेपाल की सावित्री दीदी, शांति दीदी, राधिका दीदी, नौतनवा की विष्णु दीदी, लक्ष्मी दीदी, पुष्पा दीदी सहित अनेक वक्ताओं ने गोमा दीदी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
नेपाल के महासचिव बीके शैलेश राज ने कहा कि गोमा दीदी ने नेपाल सहित कई स्थानों पर ब्रह्माकुमारीज़ की शाखाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं उनके सुपुत्र एवं बनारस जोन के प्रबंधक बीके दीपेंद्र ने समाज और आध्यात्मिक उत्थान के लिए अपनी माता के अनूठे समर्पण को याद किया।
कार्यक्रम में चिकित्सकों, समाजसेवियों, पत्रकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। मऊ जिले की प्रभारी राजयोगिनी बीके विमला दीदी एवं गाजीपुर प्रभारी बीके निर्मला दीदी के संयोजन में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा का संचालन बीके तापोशी बहन ने किया।
सभा के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने बीके गोमा दीदी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके बताए सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक जीवन के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

