रचनाकार

चाय और ज़िन्दगी, एक जैसी ही तो है…

डा. महिमा सिंह,चेन्नई, तमिलनाडु…

चाय और ज़िन्दगी,
एक जैसी ही तो है,
दोनों का जितना घोलोगे,
उतनी अच्छी बनेगी,
सच में कुछ ऐसी ही,
होती है चाय और ज़िन्दगी।
थोड़ा सा संयम, थोड़ा सा ध्यान,
ही तो रखना है,
फिर देखो चाय की चुस्की,
और ज़िन्दगी की मुस्की,
का कोई जवाब नहीं है।
सबकुछ एकदम सही
मात्रा में मिलाया तो सुपर
स्पेशल चाय का कप तैयार,
कई बार एक भी चीज जब
बेमेल तो चाय बिल्कुल बेस्वाद,
या फिर कही कुछ
भी विपरीत तो
फट गयी चाय किसी काम की नहीं।
क्या है? ये एक कप चाय ?
कभी सुकून की, तो कभी दोस्ती की ये कप चाय,
अजनबी को दोस्त बनाये !
सुबह का खुशनुमा आगाज है ये एक कप चाय।
किसी को गरम, तो किसी को थोड़ी कम गरम,
किसी को मीठी, तो किसी को हल्की,
पसन्द है ये चाय,
किसी किसी को,
बिना चीनी की भी, है दरकार,
ऐसी है यह एक कप चाय।
लो जी आया जमाना लेमन टी, ब्लैक टी,
ग्रीन टी, आइस टी,पान टी, चॉकलेट टी,
जिसमे अब कुछ भी नही रहा स्वाद,
यह चाय के नाम, बस दिखावा है ?
दोस्तो और अब तो डिजीटल टी भी आ गयी..
उसका नाम है’ “हाई टी”
चलो नाम ‘चाहे कुछ भी हो बस एक चीज आज भी वही है !
वो है ! पानी दूध का साथ
चाय की पत्ती का रंग,
चीनी की मिठास ।
अदरक इलायची का फ़्लेवर
सब मिलकर एक ही बात बताते है बस घुल-मिलकर एक हो जाओ तभी तो स्वाद का लुत्फ हर एक घूंट का
उठा सकते हो आप।
आपकी जिंदगी स्वादिष्ट
व्यंजन बन जाएगी।
बस हर एक निवाले का
भरपूर आनंद लिजिए और
आसपास खुशिया बिखेर
दीजिए। आइए हाथ मे
एक कप चाय लीजिए
और चलिए एक कप
कड़क अदरक वाली
चाय हो जाए दोस्तों
और हो जाए तैयारी
महफिलें यारी की दोस्तों।
हो जाए फिर चाय पर चर्चा।
कुछ दिल से एक कप चाय मेरी भी तेरी भी ।

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