उत्तर प्रदेश

कमल के राज में कीचड़ से जंग लड़ते ग्रामीण

सड़क पर लोटे समाजसेवी, गड्ढे में गिरे स्कूली बच्चे; बदहाल सड़क के विरोध में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश

फतेहउल्लापुर–कोढ़नियापुर मार्ग की बदहाली के खिलाफ कीचड़ में उतरे सिद्धार्थ राय, प्रशासन से तत्काल निर्माण की मांग

गाजीपुर। सदर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले फतेहउल्लापुर–कोढ़नियापुर मुख्य मार्ग की वर्षों से बदहाल स्थिति को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। समाजसेवी सिद्धार्थ राय के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सड़क के बीच कीचड़ में बैठकर और सड़क पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सिद्धार्थ राय स्वयं भी कीचड़ में लेट गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सड़क के शीघ्र निर्माण की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक किलोमीटर लंबा यह मुख्य मार्ग मंडी समिति के अधीन है, लेकिन वर्षों से इसकी हालत बेहद खराब बनी हुई है। सड़क गहरे गड्ढों, कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो चुकी है। बरसात के मौसम में तो हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि इसी मार्ग पर गांव का प्राथमिक विद्यालय स्थित है। इसके अलावा आसपास के कई विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। सड़क पर फैले कीचड़ और पानी के कारण बच्चों को अपने जूते उतारकर बस्ते में रखने पड़ते हैं और नंगे पैर सड़क पार करनी पड़ती है।

प्रदर्शन के दौरान कुछ स्कूली बच्चे सड़क के गड्ढों और कीचड़ में गिर गए। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर आए दिन राहगीर, साइकिल सवार और मोटरसाइकिल चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं। सड़क के दोनों किनारों पर गंदगी का अंबार लगा है, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन के दौरान समाजसेवी सिद्धार्थ राय ने कहा,

“जो लोग सफेद कुर्ता-पायजामा पहनते हैं, उनके कपड़ों पर अगर इस कीचड़ का एक छींटा भी पड़ जाए तो कपड़े सीधे ड्राई क्लीनिंग के लिए भेज दिए जाते हैं। लेकिन इस गांव के गरीब लोगों का क्या? उन्हें रोज इसी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। उनके कपड़े, उनके शरीर और उनके बच्चों की यूनिफॉर्म हर दिन इस कीचड़ से सनी रहती है, लेकिन इसकी चिंता किसी को नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा,

“मैं कहना चाहता हूं कि जिन लोगों ने वोट देकर सरकार बनाई, क्या उन्हें अच्छी सड़क पर चलने का अधिकार नहीं है? वोट देने वालों के लिए सड़क नहीं बनती, लेकिन वोट लेने वालों के घर के बाहर जाकर देखिए, वहां सड़कें कितनी चमचमाती हुई मिलेंगी। मैं जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से आग्रह करता हूं कि इस गांव के गरीब लोगों की आवाज सुनी जाए। यह सड़क पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। बिना किसी और देरी के फतेहउल्लापुर–कोढ़नियापुर मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को रोज इस परेशानी का सामना न करना पड़े।”

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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