…बेटी सिर्फ बेटी है उसे बेटी रहने दो
मेरी कलम से…आनन्द कुमार प्लीज,बस करो रहने दो,इसे क्षत्रिय समाज से मत जोड़ो,इसे फारवर्ड, बैकवर्ड मत बनाओ,दलित, अति दलित भी
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मेरी कलम से…आनन्द कुमार प्लीज,बस करो रहने दो,इसे क्षत्रिय समाज से मत जोड़ो,इसे फारवर्ड, बैकवर्ड मत बनाओ,दलित, अति दलित भी
Read More@ हरिलाल राजभर… चला कब्र में सोने वादा तुम्हाराबचा क्या बताओ इरादा तुम्हारा किये जाते हो खूब मौकापरस्तीन है ज़ुल्म
Read More@साक्षी साहू सुरभि, महासमुन्द, छत्तीसगढ़… माँ माँ मुझे कुछ सामान लेना है पिता जी से पैसे मांग दो न-मुन्नी ने
Read More@ डा. प्रमोद कुमार “अनंग”… जिंदगी में सदा मुस्कुराते रहो।अपने चेहरे को खुद ही सजाते रहो।। तुमने अपना बनाया, तो
Read More@शब्द मसीहा केदारनाथ… हमारी सोसायटी के प्रधान जी ने अचानक से मीटिंग कॉल कर ली थी। मैंने जब उनका व्हाट्सएप
Read More@ शब्द मसीहा केदारनाथ… “अरे! भैया, कुछ सुना आपने ?” उसने आश्चर्य जताते हुए कहा। “क्या सुना ?” “अरे !
Read Moreमीना सिंह राठौर…नोएडा, उत्तर प्रदेश वो अक्सर मुझसे पूछते हैं !!तुम शायर कैसे बने !!मैं कहती हूँ कुछ आँसू कागज़
Read More० उर्दू साहित्य की उत्कृष्ट सेवा के लिए हुए सम्मानित मऊ। साहित्यिक संस्था पूर्वांचल साहित्य विकास समिति मुहम्मदाबाद गोहना जनपद
Read More@ आकाश धुसिया… मैं लड़की थी गांव की।हंसती थी, खेलती थी,घर का सारा काम, मैं करती थी।एक लड़का आया मेरे
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