धन, बल की बिजली पा सरवर जीत गया…

धीरु भाई ( धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव )
आलू बैगन गोभी गाजर जीत गया।
इनका गोभी उनका परवर जीत गया।
हार गया इन्सान सनेसा देने में,
धन, बल की बिजली पा सरवर जीत गया।
पहले भी इस रण में पावर जीता था,
अबकी भी इस रण में पावर जीत गया।
आह आह कर रहे फूल सबके अबकी,
दोनों घर का बड़का पत्थर जीत गया।
दो जगहों पर सब्जी विजयी नहीं हुई,
अपने बल पर दो का लश्कर जीत गया।
हार गया था जनता का मुँह फिरने से,
थूर थोबड़ा उसका नश्तर जीत गया।
आओ जश्न मनाए गाएं ठुमक ठुमक,
पलिहर को खारिज कर बन्जर जीत गया।
धीरु भाई ( धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव )
दो टूक, 3 जुलाई 2021
