लद्युकथा : कुत्ता सभा
@ शब्द मसीहा केदारनाथ… कुत्तों ने एक आक्रोश सभा का आयोजन किया। कुत्तों को अपने नाम से चलाये जाने वाले
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@ शब्द मसीहा केदारनाथ… कुत्तों ने एक आक्रोश सभा का आयोजन किया। कुत्तों को अपने नाम से चलाये जाने वाले
Read More@ छंगूलाल गुप्ता मिलनजी… कठिन कंटकाकीर्ण पथ है हमारा।अगर हो सके तो सुपथ ही लखा दो।।कठिन कंटकाकीर्ण पथ है हमारा।ऊषा
Read Moreशब्द मसीहा केदारनाथ… पोता काफी समय से डिग्री लेकर भी घर में बैठा था। पिता अक्सर उसे डाँटते, ताना मारते
Read More@ रिया अग्रवाल, फरीदाबाद, हरियाणा… पीड़ हो जाए हद से पारकष्ट करें मुझसे प्यारदुःखी मन करे पुकारनेह आंचल बन छा
Read More@ मनोज कुमार सिंह… हे श्रेष्ठ, सर्वोत्तम, महान और बुद्धिमान मानव !कहाँ रहते हो आजकल ?कहीं दिखते नहीं हो,अनगिनत अत्याधुनिक
Read More@ किशोर कुमार धनावत… ओ मनमोहन! मुरली वाले,तेरा तन नीला बाल काले।तेरे होठों की शोभा निराली,दोनों नयन बड़े मतवाले।सिर पर
Read More@ साहु रजनीश प्रकाश… मेरे पापा प्यारे पापा,याद आपकी आती है।आंखें मेरी भर आतीं हैं ,पापा क्युं हमें सताते हो।।
Read More@ अनुष्का उन्मुक्ता…. तंग, सुनसान हो या भिड़-भाड़ वाली गली होमैं हर गली में चलने से डरती हूँ जानती हूँ
Read Moreफतेहपुर/मऊ। फतेहपुर ताल नरजा के गांव में 9 मई को लोकायन संस्कृति न्यास आजमगढ़ के तत्वावधान व कवियित्री आशा
Read More@ शब्द मसीहा केदारनाथ… एक बार एक आदमी को फाँसी की सजा सुनाई गई। राजा ने आदेश दिया कि इस
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