रचनाकार

रचनाकार

ख्वाहिश बहुत थी की तुम एक बार मिलने आओ, लेकिन डरती थी की मिलने के बाद तुम्हें जाते हुए कैसे देखूंगी

✍🏻 मीना सिंह राठौर, नोएडा, यूपी कुछ कहानियां अक्सर अधुरी रह जाती है !!उजाड़ के मेरी दुनिया कितने खुश है

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रचनाकार

पायल

डॉ अलका अरोडा, देहरादून… कहीं सीमा का बंधन देखोकहीं रात अलबेली हैपैरों की पायल है मेरीया जंजीर की बेडी है

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रचनाकार

रात चाँदनी नागिन बनकर हर क्षण डँसती रहती है, सुध-बुध सारा अपहृत कर मन मेरा विह्वल करती है

@ अशोक कुमार ” अश्क चिरैयाकोटी “… विरह-वेदना के झंकृत स्वर मंद-मंद मुस्काते हैं।स्नेहिल स्मृतियों के झूले झूला रोज़ झुलाते

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