खुद से पहले जो राष्ट्र हित का सोचते हैं दिल से, “आप” भी पहले भारतीय बन पाते तो अच्छा था
( कामनी गुप्ता ) आप अगर बस इंसान ही बनकर रहते तो अच्छा था,बात- बात पे हल्ला न मचाते रहते
Read More
( कामनी गुप्ता ) आप अगर बस इंसान ही बनकर रहते तो अच्छा था,बात- बात पे हल्ला न मचाते रहते
Read More( ओमा द अक्क ) आओ बच्चों तुम्हे दिखाएंझाँकी हिंदुस्तान कीयहाँ का राजा बेसुध बैठाबनी है जन के जान कीवन्दे
Read More( अखिलानंद यादव ) ऐसी वैसी कैसी होअब तो तेरी तैसी होशोर मचा है गली गली…सरकार को श्रद्धांजलिसरकार को श्रद्धांजलि….१
Read More( शब्द मसीहा केदारनाथ ) गली से गुजरते हुए सब्जी वाले ने तीसरी मंजिल की घंटी का बटन दबाया। ऊपर
Read Moreकहानी का नाम – ‘मानसिकता’ एक दिन दो पुरानी सहेलियाँ आपस में मिली एक दूसरे का हालचाल पूछने लगी
Read More( डॉ अलका अरोड़ा ) माँ… 🌺🌺 जिसके होने से मैं खुद को मुकमल मानती हूंमेरी मां के हर लफ्जों
Read More( किशोर कुमार धनावत ) बहुत दिनों के बाद तुम्हें ,याद मेरी आई है।महामारी के समय में,बंसी मधुर बजाई है।मेरी
Read More( शाकिर नकश्बंदी ) पहले खुदको सरापा बना आईना,फिर ज़माने को जाकर दिखा आईना,जो पसंद तुझको आए वो ला आईना,घर
Read Moreमाँ के कई रूप हैं ,वो जननी है पालनहार भी है ,रक्षक है ,तो सबकी अस्तित्व भी है ,एक रचना
Read More( मनीष गंगा ) हम बहुत सौभाग्यशाली हैं जो अपने विचारों के मोतियों को शब्दों की माला मे पिरोकर पाठकों
Read More