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राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस: डॉक्टरों के प्रति सम्मान के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों पर भी हुई चर्चा

मऊ। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर चिकित्सा सेवा से जुड़े विशेषज्ञों ने समाज में डॉक्टरों की भूमिका, स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों तथा चिकित्सकों की सुरक्षा और अधिकारों पर अपने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सभागार में व्यापक विचार व्यक्त किए।

वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को महान चिकित्सक एवं भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र राय की जयंती एवं पुण्यतिथि के अवसर पर राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। यह दिन समाज के प्रति चिकित्सकों द्वारा दी जा रही सेवाओं के सम्मान और आभार का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि सरकारी हो या निजी, प्रत्येक चिकित्सक अपने उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञता के अनुसार मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास करता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में नई दवाओं, जांचों और उपचार तकनीकों के निरंतर विकास के कारण चिकित्सकों को भी अपने ज्ञान और कौशल को लगातार अद्यतन रखना पड़ता है।

वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में उपचार प्रक्रिया साक्ष्य-आधारित (Evidence Based) हो गई है। ऐसे में विभिन्न जांचों के आधार पर बीमारी की पुष्टि के बाद ही उपचार किया जाता है, जिससे कई बार मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। वहीं अत्याधुनिक सुविधाएं सभी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता है।

सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अत्यधिक संख्या के कारण लंबी प्रतीक्षा और सीमित समय में परामर्श जैसी समस्याएं सामने आती हैं, जबकि निजी एवं कॉर्पोरेट अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अधिक खर्च वहन करना पड़ता है। स्वास्थ्य बीमा न होने की स्थिति में कई परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।

वक्ताओं ने चिंता जताई कि स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों का खामियाजा कई बार चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही कहा कि दबाव बनाकर चिकित्सकों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराने और कानूनी उत्पीड़न की घटनाएं भी चिंता का विषय हैं।

उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे उपचार से पूर्व मरीज और परिजनों को बीमारी की स्थिति, संभावित जटिलताओं, खर्च तथा उपचार प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दें, आवश्यक सहमति प्राप्त करें और जरूरत पड़ने पर समय रहते उच्च स्तरीय अस्पतालों के लिए रेफर करें। इससे अनावश्यक विवादों और कानूनी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
अंत में सभी चिकित्सकों को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण, सेवा भावना और मानवता के प्रति योगदान की सराहना की गई।
साथ ही सुबह आईएमए के लोगों ने जिला अस्पताल में पौधारोपण किया एवं मरीजों को फल वितरित किया।

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