…बेटी सिर्फ बेटी है उसे बेटी रहने दो
मेरी कलम से…आनन्द कुमार प्लीज,बस करो रहने दो,इसे क्षत्रिय समाज से मत जोड़ो,इसे फारवर्ड, बैकवर्ड मत बनाओ,दलित, अति दलित भी
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