उत्तर प्रदेश

UP चुनाव में साइकिल पर सवार जनवादी पार्टी सोशलिस्ट, पूर्वांचल में BJP-BSP को कर सकती है दिक्कत

( आनन्द कुमार )

‘भाजपा कम बैक टू यूपी’ न कर पाए, इसको लेकर विपक्षी दल तरह-तरह के घुसपैठ व राजनैतिक समीकरण बनाने और बिगाड़ने में लगे हुए हैं। मऊ से अपनी राजनीति की ABCD की शुरुआत करने वाली सुभासपा व जनवादी पार्टी की इन दिनों खूब पूछ है। वैसे तो जनवादी पार्टी सोशलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह चौहान साइकिल की सवारी करते हुए जनक्रांति यात्रा लेकर 16 अगस्त से नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी के  हरी झंडी दिखाने के बाद पूरे अगस्त माह के प्लान के साथ निकल पड़े हैं। जिसका समापन 31अगस्त को वे अयोध्या में करेंगे।

सूत्रों की मानें तो सपा मुखिया अखिलेश यादव व जनवादी पार्टी सो. के मुखिया संजय चौहान के बीच 2022 के गठबंधन की सारी बाते हो चुकी है। वैसे भी 2019 के लोकसभा चुनाव में दोनों दल साथ लड़ चुके हैं। बागी बलिया से चल चुकी जनक्रांति यात्रा मंगलवार को मऊ की सरजमीं पर आकर अपनों के बीच बिगुल फूकेंगी। सूत्रों के मुताबिक जनपद की चार विधानसभा सीट में जनवादी पार्टी सो. की नजर घोसी विधानसभा की सीट पर है। ऐसे में अगर यह सीट संजय सिंह चौहान के पाले में जाती है तो घोसी का मुकाबला काफी रोचक हो जाएगा। वैसे तो चुनाव अभी काफी दूर है लेकिन दल के बड़े नेता अभी से वो हर विसात बिछाने शुरू कर दिए हैं जिससे वे अपने प्रतिद्वंद्वी को राजनैतिक रूप से ठीक कर सके। ऐसे में अगर जनवादी पार्टी सो. घोसी सीट पर सपा से गठबंधन में टिकट को अपने पाले में करने में कामयाब हो जाती है तो भाजपा से कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के घोसी से चुनाव लड़ने की अटकलों में अड़चन आने की सम्भावना काफी प्रबल हो जाएगी, साथ ही वर्तमान विधायक विजय राजभर को अगर पार्टी पुन: मौका देती है और सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी से गठबंधन भाजपा का हो जाता है तो विजय राजभर राजनीतिक टकराहट में मजबूत कड़ी बनकर टक्कर दे सकते हैं। वैसे तो घोसी से टिकट मांगने वालों की संख्या कम नहीं है। लेकिन जनवादी पार्टी सोशलिस्ट से गठबंधन के बाद अगर यह सीट जनवादी को मिलती है तो भाजपा में बहुतों का टिकट मिलने से पहले ही साफ हो जाएगा। बिहार के राज्यपाल फागू चौहान के पुत्र रामविलास चौहान भी अपने पिता के इस राजनैतिक विरासत की सीट को संभालना चाहते हैं लेकिन भाजपा की तरफ से इस ओर कुछ भी बोला नहीं जा रहा है। ऐसे में घोसी विधानसभा की सीट मऊ के राजनैतिक सियासत के समीकरण में काफी मायने रखता है।

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