अयोध्या को राजा राम तो मऊ को माता सीता की वजह से वैश्विक पटल पर ख्याति।
उत्तर प्रदेश के दोनों ये जिले अयोध्या व मऊ पिछले कुछ दिनों से वैश्विक स्तर पर काफी चर्चा में है। वजह साफ है जैसा कि सभी जानते हैं कि अयोध्या राजा राम की जन्म स्थली है। तो दूसरा यहां से लगभग 200 किलोमीटर दूर पूरब की ओर एक ऐसा जिला जहां सीता माता के वन देवी स्वरूप का दर्शन होता है। जिसकी पहचान मऊ जिले के रूप में है।


जी हां मऊ जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम दिशा में प्रकृति के मनोरम एवं रमणीय परिवेश में स्थित जगत जननी सीता माता का मंदिर मंदिर घने जंगलों के बीच में स्थित है। जो महर्षि वाल्मीकि की साधना स्थली के रूप में भी विख्यात रहा है।
कहा जाता है कि माता सीता ने भी अपने अखंड पति धर्म का पालन करते यहीं पर अपने पुत्रों लव-कुश को जन्म दिया था । यह स्थान साहित्य साधना के आदि पुरुष महर्षि वाल्मीकि एवं संपूर्ण भारतीयता का प्रतीक भगवान राम माता सीता से जुड़ा हुआ है।
चैत्र राम नवमी के अवसर पर जहां विशाल मेले का भी आयोजन होता है जो कई दिनों तक चलता रहता है मां वनदेवी का पवित्र धाम आजकल सामूहिक विवाह संस्कार के केंद्र के रूप में विशेष ख्याति अर्जित कर रहा है यहां प्रतिवर्ष सैकड़ों युवक युवतियां मां वनदेवी की आशीर्वाद की छांव में अपना नवजीवन प्रारंभ करते हैं। लग्न के दिनों में यहां का दृश्य देखने लायक होता है । बाह्य आडंबर एवं तड़क-भड़क से दूर श्री मां के चरणों में नवजीवन की शपथ लेने वाले लोगों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है ।

