अमित शाह और राजनाथ सिंह ने किया दिल्ली में 250 Icu बेड्स वाले कोविड अस्पताल का दौरा
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में 250 आइसीयू बेड्स समेत 1000 बेडवाले सरदार वल्ल्लभभाई पटेल कोविड अस्पताल का दौरा किया
अमित शाह ने कहा पीएम मोदी
चुनौतीपूर्ण समय में दिल्ली की जनता की मदद करने के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है और यह कोविड अस्पताल पुनः उसी संकल्प को दर्शता है
अमित शाह ने कहा, “मैं डीआरडीओ, टाटा संस और हमारे बहादुर सशस्त्र बल चिकित्सा कर्मियों का हृदय से धन्यवाद करता हूं जो इस आपातकाल के समय आगे बढ़कर कोरोना से निपटने में सहयोग कर रहे हैं”
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली-एनसीआर में कोविड-19 के प्रबंधन और इससे निपटने के उपायों की समीक्षा के लिए 14 जून से लगातार कई बैठकें कर दिल्ली में बेड्स बढाने, उपचार की दरें कम करने, टेस्टिंग और सुविधाओं में बढ़ोतरी समेत अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए
अधिक से अधिक लोगों का उपचार व जान बचाने के मोदी सरकार के जज़्बे को और मज़बूत करते हुए यह अस्पताल रिकॉर्ड 12 दिन में तैयार हुआ है
मोदी सरकार के प्रयासों से 1000 बेड वाले सरदार पटेल कोविड अस्पताल का रिकॉर्ड समय में निर्माण किया गया है । राजधानी दिल्ली में कोविड -19 संक्रमितो की संख्या में वृद्धि को देखते हुए अधिक मरीज़ों को चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है। इसे ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच दिल्ली में कोविड-19 रोगियों के लिए बेड्स क्षमता बढाने की तत्काल आवश्यकता और 14 दिनों से कम अवधि में 1000 बेड्स का अस्पताल बनाने पर चर्चा हुई। जिसके बाद डीआरडीओ को अस्पताल स्थापित करने के लिए कहा गया। डीआरडीओ ने युद्धस्तर पर अस्पताल का डिजाइन, विकास और सुविधाओं का परिचालन शुरू किया। भारतीय वायु सेना की अनुमति से नई दिल्ली के डोमेस्टिक हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पास स्थित भूमि की पहचान की गई और डीआरडीओ द्वारा 23 जून को रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) हेडक्वाटर्स के निकट उलन बटर मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू किया गया।
इस अस्पताल का संचालन सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) के डॉक्टर्स , नर्ससिस और सहायक स्टाफ की मेडिकल टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि डीआरडीओ इसका रख रखाव करेगा। रोगियों को मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए अस्पताल में डीआरडीओ प्रबंधित एक समर्पित मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र की अतिरिक्त सुविधा भी उपलब्ध है। इस सुविधा में जिला प्रशासन द्वारा रेफ़र कोविड -19 रोगियों को भर्ती किया जाएगा और उनका मुफ्त इलाज होगा। गंभीर मामलों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भेजा जाएगा।

