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मऊ में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 4127  महिलाओं और बच्चियों के साथ 315 गर्भवतीयों को मिला सेहत का वरदान

■ 1890आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, 1580 आशा, 228 एएनएम, 40स्टाफनर्स महिलाओं ने दिया अपना योगदान

■ सुपोषण स्वास्थ्य मेले में किशोरी दिवस की हुई शुरुआत 

मऊ। जनपद के सभी 43  प्राथमिक स्वास्थ केंद्र (ग्रामीण एवं शहरी) में लगने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का यह छःठा आगाज़ था। इसकी शुरुवात जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी के उपस्तिथि में प्राथमिक स्वा.केंद्र रानीपुर से की गई।  इस अवसर पर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तहत संचालित की जाने वाली गतिविधियों की शुरुआत की गयी जिसमें किशोरी दिवस का कार्यक्रम किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य मेले में सुपोषण स्वास्थ्य मेले का भी आयोजन किया गया। निकटवर्ती प्राथमिक आरोग्य केन्द्र पर कुपोषित/अति कुपोषित बच्चियों के साथ महिलओं व बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई, साथ में माँओ को निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गई।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सतीशचन्द्र सिंह ने बताया कि इस बार महिला दिवस पर मेले का उद्देश्य जनपद के सभी महिलओं और बच्चियों के साथ पुरुषों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने, स्वास्थ्य सुविधाओं को उनके समीप पहुंचाने, रोगों के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जन समुदाय को जागरूक करने तथा बेहतर उपचार प्राप्त कराने एवं गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों को चिन्हित कर उच्चीकृत स्वास्थ्य इकाइयों पर संदर्भन करना है। सीएमओ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है। सबका स्वास्थ्य-सबका विकास ताकि सभी को स्वस्थ रखा जा सके। इसको दृष्टिगत रखते हुए लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार करते हुये चिकित्सीय एवं स्वास्थ्य प्रदान की जा रही है। उन्होने जनपदवासियों से अपील की कि आगमी छुटे हुए लोग स्वास्थ्य मेले के माध्यम से सरकार द्वारा दी जा रही निःशुल्क चिकित्सीय एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाएँ।

उन्होंने ने बताया जिले के दूर-दराज के इलाकों व मलिन बस्तियों में रहने वाले करीब 4127 महिलओं और बच्चियों के साथ 315 गर्भवतीयों को, 1995 पुरुषों को इस दिन सेहत का वरदान मिला।

स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुनीता 08 मार्च रविवार का दिन महिला दिवस के साथ सेहत की दृष्टि से बेहद खास रहा। छःठे मुख्मंत्री आरोग्य मेले में जिले के 4 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों समेत कुल 39 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दूर दराज के इलाकों व बस्तियों समेत सुदूरवर्ती पिछड़े क्षेत्र में रहने वाले करीब 7343 (पुरुष/महिला/बच्चे)का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा सभी को निःशुल्क जाँच व इलाज का लाभ प्राप्त हुआ। इनके लाभ के लिये 1890 आंगनबाड़ी कार्यकर्ती,1580 आशा ,228 एएनएम,40 स्टाफ नर्स लगाई गई थी।

जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। आज 08 मार्च महिला दिवस पर को किशोरी दिवस के अवसर पर 11-14 वर्ष की स्कूल न जाने वाली किशोरियों की स्वास्थ्य जांच व खून की जांच की गई । उन्हें आयरन की गोलियां वितरित की गई। जिसमें की महिलओं बच्चियों की सहभागिता बढाए जाने हेतु कार्यक्रम भी आयोजित किये गये।

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