आखिर कब तक बहुरेंगे आदर्श रेलवे स्टेशन बिल्थरारोड के दिन
■ वाराणसी भटनी रेल प्रखण्ड पर स्थित यह रेलवे स्टेशन सर्वाधिक आय देने वाले स्टेशनों में शुमार पर यात्री सुविधाओं में है फिसड्डी
■ आदर्श रेलवे स्टेशन पर बापूधाम, गोरखपुर-पुणे, शालीमार एक्सप्रेस के ठहराव के डीआरएम
वाराणसी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के सक्षम स्तर से स्वीकृत होने का अभी भी है इंतजार
■ भाजपा नेता व रेलवे के जेडयूसीसी सदस्य देवेन्द्र कुमार गुप्त ने सुविधा विस्तार के लिए, विभागीय उच्चाधिकारियों को लिखा है पत्र

बिल्थरारोड़/बलिया। ए ग्रेड में शामिल बिल्थरारोड रेलवे स्टेशन पर शालीमार, गोरखपुर-पुणे व बापूधाम एक्सप्रेस ट्रेनो का ठहराव सुनिश्चित नही होने से लोगों में काफी निराशा है। इन ट्रेनों के ठहराव के लिए डीआरएम वाराणसी द्वारा भेजे गये प्रस्ताव के अभी भी स्वीकृत होने का इंतजार है। भटनी-वाराणसी प्रखण्ड पर मउ जं0, आतमगढ़, गाजीपुर व बलिया रेलवे के समकक्ष दर्जा प्राप्त यह स्टेशन सुविधा के मामलों में इनसे अब भी काफी फिसड्डी है।
तीन जिलों बलिया, मऊ व देवरिया के मध्य में अवस्थित बिल्थरारोड रेलवे स्टेशन पर उपरोक्त तीनों जिलां के भारी मात्रा में यात्री ट्रेन से यात्रा के लिए आते रहते हैं। इन यात्रियों के बदौलत यह रेलवे स्टेशन आय के मामले में काफी सम्बृद्ध है। इस रेलवे स्टेशन की औसत आय प्रतिमाह एक करोड़ रूपये से अधिक है, बावजूद यहां यात्री सुविधाओं का टोटा है। आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद इस रेल प्रखण्ड से गुजरने वाली बापूधाम, गोरखपुर-पुणे व शालीमार एक्सप्रेस का यहां अब तक ठहराव न होने से यात्रियों में काफी आक्रोश है। आलम यह है कि इस रूट से दिल्ली जाने वाली एकमात्र ट्रेन लिच्छवी एक्सप्रेस को भी ठंड के दिनो में बंद कर दिया जाता है। इस सम्बन्ध में जेडआरयूसीसी सदस्य देवेन्द्र कुमार गुप्त द्वारा रेल अधिकारियों को लिखे गये पत्र पर डीआरएम कार्यालय वाराणसी से दी गयी जानकारी के अनुसार
बिल्थरारोड को आदर्श स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए 2018-19 (पी0डब्ल्य0ूपी0) के अंतर्गत कार्य स्वीकृत है। जिसमें प्लेटफार्म संख्या 1 व 2 के उच्चीकरण एवं विस्तारिकरण का कार्य जहाँ पूर्ण हो चुका है वहीं उसके सौंदर्यकरण का कार्य जारी है। स्वीकृत कार्यों में वेटिंग रूम, वाटर टैप, बेंच, प्रकाश की व्यवस्था , शौचालय का कार्य भी शामिल है। इसके अलावा स्टेशन पर जहाँ रिटायरिंग रूम (डबल बेड) के प्रावधान का कार्य भी स्वीकृत है वहीं महत्वपूर्ण गाडि़यों के ठहराव का प्रस्ताव वाणिज्यिक औचित्य के साथ पिछले 11 फरवरी व 26 अप्रैल को गोरखपुर मुख्यालय भेजा जा चुका है जिसका सक्षम स्तर से स्वीकृति का अभी भी इंतजार है। प्रस्तावित कार्यो में स्वचालित सीढ़ी, रिटायरिंग रूम, वेटिंग रूम महिला तथा कोच गाइडेंस सिस्टम, 10 केडब्ल्यूपी सोलर का कार्य भी शामिल है। इसके अलावा विभागीय सूचना के अनुसार पे एण्ड यूज सिस्टम के तहत शौचालय के स्थान पर रेलवे स्टेशन पर प्रीफेब्रीकेटेड शौचालय बनाने की प्रक्रिया जारी है। अब देखना है उक्त रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन के रूप में पूरी तरह विकसित देखने का सपना कब पूरा होता है यह तो भविष्य के गर्भ में है।

