कोरोना को हराने के लिए लिया कला का सहारा
अखबार का कोना : जनसंदेश टाइम्स
■ मऊ की बेटी अपनी बेहतरीन पेंटिंग के माध्यम से कोरोना को दे रही मात
(मोहम्मद अशरफ)
मऊ। एक ओर कोरोना पेंटिंग कलाकारों के अस्तित्व को मिटाने पर तुला है, तो दूसरी अपनी अस्तित्व को बचाने व प्रतिभा को दिखाने के लिए मऊ की बेटी लुबना ने एक नया तरीका अपनाया है, जो अपनी बेहतरीन पेंटिंग के माध्यम से जानी जाती है, इस बेटी के हुनर को देख हर कोई कायल है।
वह अपने पेंटिंग के माध्यम से भारत का नक्शा बनाकर सभी धर्म के लोगो को जोड़ने का काम किया है और इस महामारी से बचने के लिए लोगो को संदेश देने का काम कर रही है। लुबना राष्ट्रीय एंव अन्तर्राष्ट्रीय पुरुस्कार विजेता है जो हमेशा चित्रों के माध्यम से संदेश देती रहती हैं, कभी विश्वशांती, बेटी बचाओ, भ्रूण हत्या व पर्यावरण से सम्बंधित लोगो को जागरूक करने का काम करती है। आज लाकडाऊन में कोरोना वायरस बीमारी का आसान इलाज अपनी पेन्टिंग के माध्यम से संदेश दे रहीं हैं। इस पेंटिंग को लेकर जब हमने मलिक टोला निवासी लुबना खान के आवास पर पहुँचा गया और उनसे इस पेंटिंग के उद्देश्य के बारे में पूछा गया। लुबना खान का कहना है वे इस पेंटिंग का यह उद्देश्य है कि देश के हिन्दू-मुस्लिम, सिख, इसाई सभी धर्म व जाति के लोग शासन-प्रशासन का नियमों का पालन करते हुए घरों में रहे और मास्क लगाए। कहा कि आपको घरो मे रहता देखकर कोरोना नही आएगा और घर से बिना मास्क लगाए बाहर निकले तो कोरोना की चपेट में आने की सम्भावना ज्यादा रहती है जिन्दगी अनमोल है,नियमो को पालन करें यही सबसे बड़ी दवा है।




