कोरोना महामारी के बीच भारत सीमा पर सुरक्षा चौकियों के विस्तार में जुटा नेपाल
■ 121 की जगह 500 चौकियों का प्रस्ताव
■ भारत को सतर्क रहने की जरूरत
नेपाल बार्डर से (यशोदा श्रीवास्तव)। कोरोना महामारी के बीच नेपाल भारत से सटे अपनी सीमा की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम में जुटा हुआ है। खबर आ रही है कि वह संपूर्ण नेपाल सीमा पर अपने सुरक्षा चौकियों का तेजी से विस्तार कर रहा है। नेपाल गृहमंत्रालय ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। नेपाल के इस सुरक्षात्मक रणनीति को लेकर भारत को सतर्क रहने की जरूरत है।

नेपाल गृहमंत्रालय के सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि भारत सीमा पर नेपाल अपनी 121सुरक्षा चौकियों का विस्तार देते हुए उसे 500 करने की तैयारी कर रहा है। गृह मंत्री राम बहादुर थापा बादल के निर्देश पर यह सब हो रहा है। नेपाल गृह मंत्रालय का कहना है कि चूंकि नेपाल सीमा के भारतीय क्षेत्र में भारत की 530 सुरक्षा चौकियां है इसलिए नेपाल भी उसी अनुपात में सुरक्षा चौकियों को जोड़ने की तैयारी कर रहा है। सुरक्षा संबंधी ऐसा प्रस्ताव नेपाल शसस्त्र बल मुख्यालय की ओर से आए प्रस्ताव के अनुसार, सशस्त्र बलों ने सीमा पर अधिक सुरक्षाबलों की तैनाती पर जोर दिया है। नेपाल की अपनी सीमा पर एक सुरक्षा चौकी प्रति15 किमी की औसत दूरी पर है।नया प्रस्ताव लागू हो जाने पर एक पुलिस चौकी प्रति 3.5 किमी की दूरी पर होगी।गृह मंत्रालय का कहना है कि सरकार ने सीमा प्रबंधन के मुद्दे को उच्च प्राथमिकता दी है। गृहमंत्री थापा ने कहा कि वे सुरक्षा चौकी संबंधित प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत कर इसे अति शीघ्र अमल में लाने का प्रयास करेंगे। गृह मंत्रालय ने कहा कि सशस्त्र सीमा पुलिस बल द्वारा तैयार किया गया प्रस्ताव देश के हित में है। उसी प्रस्ताव को ध्यान में रखकर ही सशस्त्र पुलिस बल के महानिरीक्षक शैलेन्द्र खनाल को निर्देशित किया गया कि वे सुरक्षा चौकी के बाबत आवश्यक बुनियादी ढाँचे पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करें।
एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्वतंत्र नेपाल के लिए सीमा प्रबंधन एक आवश्यक शर्त है, यह कहते हुए गृह मंत्री थापा ने कहा कि राज्यों को इसके लिए बजट में कंजूस नहीं होना चाहिए। सुरक्षा चौकियों के विस्तार का खर्च उन प्रदेश सरकारों को उठाना होगा जिसके राज्य में भारत सीमा स्पर्श कर रहा हो। गृह सचिव महेश्वर न्ययोपाने ने कहा कि दोनों देशों की खुली सीमा आतंकी घुसपैठिए, तस्करी तथा अन्य जरायम का अड्डा बना हुआ था। सुरक्षा का यह खतरा दो तरफा है।इसपर काबू पाने के लिए सुरक्षा चौकियों को बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। इसी के साथ सीमा मुद्दा एक संवेदनशील मुद्दा भी है।
भारत से सटे नेपाल सीमा के 121सुरक्षा चौकियों पर लगभग 5,000 जवान तैनात हैं लेकिन जब विस्तार के बाद 500 सुरक्षा चौकियां काम करने लगेगी तब करीब 8,000 जवान तैनात होंगे। नेपाल सरकार इसके लिए जवानों की नई भर्ती के बजाय पहाड़ी और पहाड़ी जिलों के मुख्यालयों के अलावा पहाड़ क्षेत्र में तैनात सुरक्षा जवानों को कम करके उन्हें सीमा के नवीन चौकियों पर भेजने पर विचार कर रही है।


