गाढ़ा व इटौरा ताल की जल निकासी के लिए किसानों का प्रदर्शन, 15 जून तक खुदाई शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी
मऊ। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता राकेश सिंह के नेतृत्व में प्रगतिशील किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट रमेश बाबू को तथा विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव को सौंपा। किसानों ने गाढ़ा ताल और इटौरा ताल की जल निकासी के लिए खड़िया नाला एवं गाढ़ा-नगवा नाला की बरसात से पहले तत्काल खुदाई एवं सफाई कराने की मांग की।
किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष चक्रवाती तूफान और भारी बारिश के कारण रतनपुरा ब्लॉक के 31 गांवों में धान की फसल जलभराव से नष्ट हो गई थी। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण गेहूं की बुआई भी प्रभावित हुई थी। ऐसे में समय रहते नालों की खुदाई नहीं हुई तो इस वर्ष भी किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राकेश सिंह ने बताया कि खड़िया नाला (9.02 किमी) की खुदाई-सफाई के लिए 11.96 लाख रुपये तथा गाढ़ा-नगवा नाला (11.6 किमी) के लिए 15.08 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। दोनों कार्यों का टेंडर भी हो चुका है और कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित है, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा अब तक कार्य शुरू नहीं कराया गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 जून तक खुदाई कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो क्षेत्र के किसानों के साथ जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अवध राज यादव (पूर्व प्रधान), अतुल राय एडवोकेट, अरुण सिंह, कन्हैया लाल गुप्ता, सुभाष राजभर, पारस राम, सुनील त्रिपाठी, केदार सिंह, रामाश्रय सिंह, अभिमन्यु सिंह, योगेश राजभर, नरेंद्र तिवारी, सोनू सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।

