खास-मेहमान

वैज्ञानिक शोध को ‘लैब से खेत तक’ ले जाने में लगा NBAIM

कुश्मौर/मऊ। राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो (NBAIM) इस वर्ष अपना स्थापना दिवस एक भव्य और प्रेरणादायक समारोह के रूप में 1 जून को मनाने जा रहा है। यह समारोह विकसित कृषि संकल्प अभियान” की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक शोध को लैब से खेत तक पहुंचाना है, जिससे उन्नत सूक्ष्मजीव तकनीकों का सीधा लाभ देश के किसानों को मिल सके। यह आयोजन ब्यूरो के कुश्मौर परिसर में आयोजित होगा, जहां देशभर से वैज्ञानिक, छात्र, पूर्व निदेशकगण, पूर्व कर्मचारीगण तथा जैव प्रौद्योगिकी व कृषि उद्योग से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

इस महत्वपूर्ण अवसर की गरिमा को बढ़ाते हुए डेयर के पूर्व सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्व महानिदेशक तथा देश के ख्यातिप्राप्त कृषि वैज्ञानिक डॉ. मंगला राय समारोह के मुख्य अतिथिहोंगे। यह तथ्य कि डॉ. राय के कर कमलों द्वारा ही ब्यूरो के कुश्मौर परिसर की आधारशिला रखी गई थी, इस दिवस को और भी ऐतिहासिक बना देता है।

समारोह में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे, जो संस्थान की दिशा और उपलब्धियों को एक व्यापक संदर्भ में प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त ब्यूरो के पूर्व निदेशकगण भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे, जिनकी उपस्थिति संस्थान की विकास यात्रा का प्रत्यक्ष साक्ष्य होगी।

ब्यूरो के निदेशक डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि विगतढाई दशकों में संस्थान ने कृषि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। ब्यूरो द्वारा विकसित जैव उर्वरक, जैव कीटनाशक, और पर्यावरण-अनुकूल जैव तकनीकें आज देश के विभिन्न भागों में सतत कृषि के लिए एक व्यवहारिक समाधान के रूप में उपयोग में लाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सूक्ष्मजीव केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, और कृषि उत्पादकता से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों का समाधान भी प्रदान कर सकते हैं।

स्थापना दिवस समारोह का उद्देश्य संस्थान की प्रगति, वैज्ञानिक उपलब्धियों और सामाजिक प्रतिबद्धताओं को साझा करने के साथ-साथ वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और किसानों को एक साझा मंच पर लाकरनवाचार और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम न केवल वैज्ञानिक संवाद का माध्यम बनेगा, बल्कि आमजन में सूक्ष्मजीवों की उपयोगिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी अवसर प्रदान करेगा।

समारोह के दौरान संस्थान के उत्कृष्ट कर्मचारियों, नवाचार को प्रोत्साहन देने वाले वैज्ञानिकों तथा जनपद के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाएगा, जो कृषि में नई तकनीकों को अपनाने और प्रसारित करने में अग्रणी रहे हैं।

राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो का स्थापना दिवस न केवल संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि यह भारतीय कृषि प्रणाली में सूक्ष्मजीवों की भूमिका और भविष्य में उनके योगदान के प्रति एक दृढ़ संकल्प को भी दर्शाता है।

स्थापना दिवस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल ब्यूरो की अब तक की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, बल्कि वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं, किसानों और उद्योग जगत को एक मंच पर लाकर आगामी शोध और सहयोग की दिशा तय की जाएगी।

इस अवसर पर संस्थान के उत्कृष्ट वैज्ञानिकों, कर्मचारियों, तथा जिले के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचारों को अपनाकर उसे आगे बढ़ाया है।

राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो का यह स्थापना दिवस समारोह न केवल संस्थान की गौरवपूर्ण यात्रा का उत्सव है, बल्कि यह भारतीय कृषि को हरित से जैविक क्रांति की ओर ले जाने वाले वैज्ञानिक प्रयासों का प्रतिबिंब भी है।

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