संजय राय शेरपुरिया के प्रयास से गाजीपुर में 50 बेड का अस्पताल व 10 बेड का ICU हो रहा तैयार
@विकास राय
जिलाधिकारी गाजीपुर को सौपा 100 आक्सीजन कन्सट्रेटर, उधोगपति संजय राय, “शेरपुरिया” बने गाजीपुर के लोगो का सही ऑक्सीजन,
“सरकार चोर है, सरकार बेईमान है, देश के लिए कोई काम नहीं कर रहा है, इतने लोग मर रहे है तब सरकार कोई कोई चिंता ही नहीं है, हर जिले में 1000 बेड का हॉस्पिटल बना देना चाहिए”, ऐसे विविध प्रकार के समाचारों और बयानों को हम सब हर रोज सुनते है और पढ़ते है। क्या यह सच है ?.क्या देश के ऊपर जब कोई भयावह खतरा आ जाए तब देश की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की ही होती है ?आम नागरिको, राजनीतिज्ञों और उद्योगपतियों की कोई जवाबदेही नहीं होती ?….. यह कोई समाचार नहीं, कोई भाषण नहीं, लेकिन देश के जानेमाने उद्योगपति और समाजसेवी संजय राय, “शेरपुरिया” के दिल का दर्द है। और आज के हालात में यह बात भी बिलकुल सही है। उनका कहना है की, सिर्फ सरकार के प्रति मुँह उठाकर बैठ जाएंगे तो मरने वालों की गिनती करके थक जाएंगे।
संजय राय, “शेरपुरिया” ने सिर्फ सोचा ही नहीं और न ही सिर्फ दुःख जताया, उन्होंने इस महामारी के कठिन समय में अपने कदम गाजीपुर जिला की ओर बढ़ा दिए। दो दिन पहले ही उन्होंने जिले के जिलाधिकारी एम पी सिंह के साथ बात करके, कभी नहीं होने वाली सुविधाओं से सुसज्जित एक 50 बेड का कोरोना हॉस्पिटल तुरंत ही तैयार करने का फैसला किया, जो वेंटिलेटर, ऑक्सीजन जनरेटर और आई.सी.यु. की सुविधाओं से परिपूर्ण रहेगा। आने वाले कुछ ही दिनों में गाजीपुर की जनता को अपनी जान बचाने के लिए, वाराणसी या किसी अन्य शहर जाना में नहीं पड़ेगा, यह उनका वादा है। पिछले एक साल से यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन के माध्यम से गाजीपुर जिले में युवाओ और किसानो को आत्म-निर्भर बनाने का संकल्प लेकर अनवरत काम करने वाले संजय राय जी सबसे पहले तो एक सम्पूर्ण मेडिकल सुविधा से युक्त टेली मेडिसिन वाहन को गाजीपुर में उपलब्ध करवाया। यह एक सोलार पावर टेलीमेडिसिन वाहन है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी है और हर तरह की सुविधा प्रदान कर सकता है । यह एक छोटा सा और सम्पूर्ण सुविधा वाला, मूविंग हॉस्पिटल जैसा वाहन है । इस वाहन के द्वारा गाजीपुर जिले के हर तहसील और गाँवों में घर बैठे लोगो को कोरोना का इलाज शुरू हो गया।
इतना ही काफी नहीं था, और उन्होंने एक एम्बुलेंस बस को भी कोरोना की जांच में में लगा दिया, जो कोरोना जांच की तमाम सुविधा और दवाइयों के साथ गाँव गाँव जाकर लोगो को सुविधा प्रदान कर रही है। 2 मई तक जिले के हर गाँव के लोगो को तहसील या जिला केंद्र पर जाकर अपनी कोरोना जांच एवं इलाज करवाना था, जो संजय राय, “शेरपुरिया” की अनोखी पहल के कारण 3 मई से एक आसान सुविधा में तब्दील हो गया और हर गाँव के लोगो को अपने घर एवं अपने गाँव में बैठे ही हर सुविधा प्राप्त होने लगी। संजय राय की यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन की टीम के लिए पिछले आठ दिनों से रात दिन का कोई फर्क नहीं रहा और जनपद की सेवा के लिए निकल पड़े। इस नेक कार्य में गाजीपुर जिला के जिलाधिकारी एम पी सिंह और आरोग्य अधिकारी जी सी मौर्य ने भी अपने हाथ लगा दिए और जगह जगह पर टेस्टिंग एवं दवाई की सुविधा के लिए, प्रशिक्षित लोग उपलब्ध करवा दिए ।
सिर्फ इतनी बात नहीं थी और टेस्टिंग किट एवं दवाइयों के इन्तजार कर रहे गाजीपुर में, संजय राय ने जिले के लिए 100 ऑक्सीजन कान्सनस्ट्रेटर भेज दिए, जिसकी वजह से गाजीपुर की जनता को नई साँस मिल गई, 10000 दवाई के पैकेट तैयार करवा के भेज दिए ताकि जिले के कोई व्यक्ति को कोरोना की दवाई के कारण अपनी जान गँवानी नहीं पड़े। इसके साथ ही हजारों की मात्र में मास्क, कोरोना टेस्टिंग किट्स और पी. पी.इ. किट्स का भी इंतजाम किया, जो फाउंडेशन की टीम जिले के हर विस्तार और हर गाँव में जरुरत के हिसाब से उपलब्ध करा रही है।
गाजीपुर के लोगों का सही ऑक्सीजन बनने वाले संजय राय के मुताबिक, जब जिले को गाजीपुर से ग्रेटर गाजीपुर की ओर ले जाना है तब, जिले के हर व्यक्ति को अच्छा स्वास्थ्य उपलब्ध करवाना और मुश्किल इस घड़ी में जिले के हर व्यक्ति के साथ खड़ा रहना, उनका नैतिक और प्रमाणिक कर्तव्य है। उनके कहने के अनुसार, देश की इस आपदा के समय में देश के हर उद्योगपति अगर अपनी संपत्ति का कुछ हिस्सा अगर अपने गाँव और जिले के लिए लगा दे, तो हम इस महामारी से बहुत जल्द निपट पाएंगे।

