तीन केन्द्रों पर हुई तीसरे चरण के टीकाकरण की शुरुआत, 56 लोगों को लगा कोरोना का टीका
मऊ। जिले के दो सरकारी अस्पतालों समेत एक निजी अस्पताल में सोमवार को कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरुआत की गयी । तीसरे चरण में 60 वर्ष से ऊपर सभी वरिष्ठ नागरिकों साथ ही 45 वर्ष से 59 वर्ष तक के पूर्व से गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का टीकाकरण किया जा रहा है । सोमवार को जिले के तीन केन्द्रों पर 56 लोगों ने टीका लगवाया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश चंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार से जिले के तीन टीकाकरण केंद्रों जिसमें जिला पुरूष व महिला राजकीय अस्पताल एवं एक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान योजना) के तहत सूचीबद्ध शारदा नारायण हॉस्पिटल पर टीका आमजन के लिये शुरू किया गया । इसमें कोई भी 45 वर्ष के ऊपर का व्यक्ति स्वयं अपना को-विन पोर्टल (http://selfregistration.cowin.gov.in) पंजीकरण स्वयं कर के या करवा के अपना अधिकृत पहचान पत्र लेकर अधिकृत केंद्र पर पहुंच लाभ प्राप्त कर सकता है।
डॉ सिंह ने बताया कि आगे भी अन्य कई अस्पताल जो कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें केंद्रीय स्तर से क्रमवार टीकाकरण के लिए अनुमति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 का यह टीका सबसे सुरक्षित टीका है। यह शरीर पर किसी तरह का गंभीर प्रभाव नहीं छोड़ता है। उन्होंने बताया कि कोरोना का टीका लगने के बाद यदि तबीयत ठीक न लगना, थकान महसूस होना, कंपकंपी या बुखार सा महसूस होना, सिर दर्द, मितली, जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द की इस तरह की समस्या आ रही है तो इसका मतलब यह टीका शरीर पर अपना असर कर रहा है।
शेख राम यादव, कमला पति सिंह, राजेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार को बतौर सामान्य नागरिक के तौर पर तीसरे चरण का पहला टीका का लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि कोविड-19 का पहला डोज लगा जिसके बाद अब वह राहत महसूस कर रहे हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ बीके यादव ने बताया कि 60 वर्ष से ऊपर और 45 से 59 साल तक के पूर्व से गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज नियमानुसार को-विन पोर्टल पर अपनी इच्छा और सुविधा अनुसार पंजीकरण कर, अपना पहचान पत्र दिखाकर, टीकाकरण का लाभ प्राप्त करे।
लाभार्थी टीका लगवाने से पहले दें पूरी जानकारी …
टीका लगवाने से पूर्व यदि एलर्जी, बुखार, रक्त बहने या रक्त पतला करने की कोई दवा ले रहे हैं, या प्रतिरक्षा क्षमता कम है तो संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी को जानकारी दें। गर्भवती या स्तनपान करा रही महिलाओं को भी टीका लेने से पहले स्वास्थ्य अधिकारी पूरी जानकार देनी चाहिए। सीरम इंस्टीट्यूट की फैक्टशीट के अनुसार कोविशील्ड टीका 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है। यह टीका उन लोगों को नहीं लगना है जिन्हें पहली खुराक के बाद गंभीर रूप से एलर्जी हुई हो। इसके लिए चिकित्सक से परामर्श लें।
लाभार्थी को कोविशील्ड से जुड़े प्रतिकूल प्रभाओं को लेकर सामान्य तौर थकान महसूस होना, कंपकंपी या बुखार सा महसूस होना, सिर दर्द, की शिकायत आम हो सकती है। वैक्सीन लगने के बाद कुछ घंटों में यदि कोई साइड इफेक्ट दिखता है तो इस बारे में वैक्सीन लगाने वाले को तत्काल जानकारी दें या जिला कोविड-19 कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पर बने हेल्प-लाइन नंबर 05498-220827, प्रदेश हेल्प लाइन नंबर 104 पर सम्पर्क करें।


