एक तरफ मिलेनियम वोटर की फिक्र और दूसरी तरफ पुलिस की गाली सुनने के बाद अपनी ही सरकार से न्याय की आस लगाये हैं भाजपा के युवा
(आनन्द कुमार)
मऊ। क्या खूब आजकल मऊ भाजपा में चल रहा है, शर्म भी आ रही, हंसी भी आ रही और अजीब भी लग रहा है। देश व प्रदेश में भाजपा की सरकार है और उनके ही राज में पुलिस भाजपा के ही युवाओं को सार्वजनिक स्थान पर भद्दी-भद्दी गाली दे रही है। ऐसे में आमजन के साथ पुलिस के व्यवहार का आकलन व मूल्यांकन का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। वैसे शासन व प्रशासन से मिलने वाला असल दर्द तब ही पता चलता है जब खुद पर आती है। कहने में गुरेज नहीं कि मऊ कि भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता इस वक्त शायद ऐसे ही वेदना से जूझ रहे हैं। पुलिस भाजपा के नेताओं-युवाओ को मां बहन की गाली दे रही है और भाजपाजन हैं कि उन्हें पुलिस के इस व्यवहार की जांच-पड़ताल या उनको उनके इस दुर्व्यवहार की सजा व निन्दा देने की बजाय मिलेनियम वोटर बनाने की अभियान में लगी हुई है। सच भी है मिलेनियम वोटर बनने चहिए, इससे भाजपा ही नहीं लोकतंत्र भी मजबूत होगा। युवाओं की जबरदस्त टोली भाजपा के पास होनी चाहिए, लेकिन दर्द भी है बहुतेरे मन में जो भाजपा के सपोर्टर हैं, वह भाजपा के नई पहल मिलेनियम वोटर में भाग ले रहे हैं 2014 से लेकर 2017 तक इलेक्शन में भाजपा की जीत के लिए तन मन से लगे थे उनके दिल में दर्द है कि आखिर यह कैसी सरकार है जो खूद उनकी सरकार है, जिसकी गुणगान जनता के बीच करते वक्त उनका सीना चौड़ा हो जाता है और उनको उनकी ही पुलिस मां-बहन की गाली दे रही है तो आम जनता को क्या कह रही होगी। बिगत दिनों हुयी घटना, कुछ लोगों द्वारा तिरंगा यात्रा को लेकर मऊ के मुंशीपुरा तिराहे पर जो भीड़ इकट्ठा की गई थी पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर तिरंगा यात्रा नहीं निकलने दिया। यह पुलिस की अपनी कानून-व्यवस्था के नजरिए से सही है। तिरंगा यात्रा को लेकर पुलिस ने उन्हें लाठी भांजकर खदेड़ा, यह भी कानून व्यवस्था के हिसाब से ठीक है लेकिन पुलिस ने सरेराह शाम को बाजार में हजारों की भीड़ में जो युवाओं को मां बहन की भद्दी भद्दी गालियां दी वह ठीक नहीं है भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के कहने के बाद भी उनकी एक न सुनी यह ठीक नहीं है। यह भाजपा की सरकार है इसमें आमजन को इंसाफ की बात कही जाती है लेकिन जिस हिसाब से तिराहे पर लोगों को गालियों से सराबोर किया गया, उसे जिसने भी देखा जिसने भी सुना वह प्रशासन की थू-थू तो कर ही रहा है इतने दिन बीत जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठों की चुप्पी पर लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं। ऐसे में घटना के इतने दिनों के बाद भी प्रशासन के खिलाफ किसी भी नेता के खिलाफ एक लफ्ज भी सार्वजनिक बयान न देना, नाना प्रकार का चर्चा का विषय बना हुआ है। जनपद में एक प्रभारी मंत्री सहित एक सांसद एवं एक कैबिनेट मंत्री व दो विधायक हैं, इसके अलावा जिला अध्यक्ष एवं बहुतेरे वरिष्ठ नेता हैं उसके बावजूद भी पुलिस के खिलाफ पार्टी की चुप्पी उनके ही युवाओं को अंदर-अंदर कुरेद रहा है। भाजपा मिलेनियम वोटर बना तो रही है लेकिन उनके मिलेनियम सपोर्टर में मऊ के कुछ युवाओं के अंदर जो दर्द है, वह कहीं न कहीं उन्हें टिस दे रहा है और इस टिस की कहानी क्या है, और अंजाम क्या है सब इंतजार कर रहे हैं। बावजूद भाजपा की चुप्पी पर विपक्षी भी मजे लेने लगे हैं।


Poolce kam kre to dikkt n kre to dikkt.
Sarkar to khti h k poolice ko azadai h kam krne ki. Kam to kiya achcha. Shabashi de sarkar ko.