सीके फांउडेशन की स्थापना, शारदा में कैंसर पीड़ित मरीजो का होगा निःशुल्क इलाज
मऊ। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर रविवार को शारदा नारायन हास्पिटल में शारदा नारायन वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वाधान में कैंसर मरीजो के लिए सी0के0 फांउडेशन की स्थापना की गई। इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में बोलते हुए डा. संजय सिंह ने कहा कि सी.के. फांउडेशन के माध्यम से गरीब कैंसर पीड़ित मरीजों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा तथा महीने में एक दिन कैंसर स्पेश्लिस्ट अस्पताल के डाक्टरों द्वारा ओ0पी0डी0 करायी जाएगी। महिलाओं में होने वाले बच्चेदानी व स्तन कैंसर से बचाव के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. एकिका सिंह द्वारा एफ0ओ0जी0एस0आई0 इण्डिया के माध्यम से जागरूकता कैॅम्प महीने में एक दिन लगाया जाएगा तथा पैपस्मेयर कि जॉच निःशुल्क की जाएगी। कहा कि विश्व में कुल दो करोड लोग कैसर से पीड़ित है भारत में कैंसर से मरने वाले व्यक्तियों में 34 प्रतिशत लोग धुम्रपान व तम्बाकू के सेवन करने वाले होते है। उन्होंने बताया कि जैसे जैसे हमारा जीने का लाइफ स्टाइल चेंज हो रहा है वैसे वैसे हम नये नये बिमारीयो को जन्म दे रहे है इसका सबसे बडा कारण खाने पीने में बदलाव, रहन सहन में बदलाव। कैंसर एक घातक व जानलेवा बिमारी है कैसर के मरीज जल्दी ठीक नहीं होते क्योकि इसके लक्षणों का पता देरी से चलता है अगर समय रहते इस बिमारी का पता नही चला तो ये बिमारी एक भयावह रूप धारण कर लेती है। शरीर में 100 से 1000 खराब सेल्स होती है हर समय हमारे शरीर में नये सेल्स का निर्माण और पुराने सेल्स समाप्त भी होते है पर कैंसर होने पर लाल व सफेद रक्त कोशिकाओं का संतुलन बिगड जाता है और सेल्स का कंट्रोल बिगड जाता है जो कैंसर का रूप धारण कर लेता है। आगे डा0 सिंह ने कैंसर के कारण के बारे में बताया की नशा सेवन करना जैसे गुटखा, खैनी, शराब, बीडी, सिगरेट आदि तथा महीलाओं में ज्यादा गर्भनिरोधक दवाओं के इस्तेमाल से कैसर होता है, मुहँ में छाले पडना, मुहँ का पुरी तरह से न खुलना,लगाता खांसी आना व खांसी में खुन आना,खून की कमी होना,महीलाओं के ब्रेस्ट में गाँठ होना,आदि कैंसर के प्रमुख लक्षण है। कहा कि महिलाए प्रायः डाक्टर के पास तब तक नही जाती जब तक की कैंसर एक बडी रूप ना लेले। इसके अतिरिक्त कभी कभी कैंसर ग्रस्त महिलाओं कों श्राप पीड़ित मानकर उनके परिवार वालो द्वारा उनका त्याग कर दिया जाता है लोगो में मिथक है कि कैसर एक छूत की बिमारी है जो पूर्णतहः गलत है। अतः कैसर के प्रति हमें जागरूक रहने की अवश्यकता है ताकी हम इसके प्रारम्भिक लक्षणों को पहचान कर उचित समय में इसका इलाज करा सके। डा.सुजीत सिंह ने बताया कि जागरूकता अभियान को समय समय पर चलाते रहा जायेगा जिससे की इस कैंसर बिमारी से लोगो को बचाया जा सके और उन्होने बताया कि शारदा नारायन हास्पिटल में बहुत जल्द कीमोथेरेपि की सुविधा शुरू होगी। इस अवसर पर एडवोकेट अजीत सिहं, डा.सतीश सिह, डा. गुलाम, डा.मधुलिका सिंह, शिवकुमार सिहं, विपिन सिंह, जयप्रकाश, दुर्गेश, आलोक, मनीष आदि लोग उपस्थित रहे।

