विभिन्न संगठनों के लोगों ने मोमबत्ती जलाकर जताया विरोध
मऊ। इंडियन पब्लिक सर्विसेज इम्प्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जनपद शाखा द्वारा सभी सम्बद्ध संगठनों के कर्मचारियों ने शुक्रवार अपने-अपने कार्यालय स्थल पर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए मोमबत्ती जलाकर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने मोमबत्ती जलाकर जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय, टीबी क्लीनिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप प्राथमिक मृतक आश्रित शिक्षरेत्तर कर्म. संघ , वन विभाग, सिंचाई विभाग, रोडवेज, गन्ना विभाग, नलकूप विभाग, शिक्षणेत्तर परिषद आदि स्थानों पर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों का डीए व अन्य भत्ते रोकना तथा पेंशनरों का महंगाई राहत जुलाई 2021 तक रोकने का फैसला कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सक, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ तथा वार्ड ब्वॉय कर्मचारी, स्वीपर, सीवर मैन, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, पुलिस कर्मी, पानी और बिजली, ब्लॉक संसाधन के कार्यालय
( बीआरसी केंद्रों) की आपूर्ति करने वाले कर्मचारी और वास्तव में आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारी लॉक डाउन के दौरान इस संकट की घड़ी में पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं, बावजूद इसके सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वर्तमान में लॉक डाउन की स्थिति में जहां सामान्य जीवन पूरी तरह से बाधित हैं, वहीं कर्मचारी जान जोखिम में डालकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य रुप से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष पीएर्न सिंह, मंत्री अविनाश सिसौदिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिव कुमार सिंह, मेराज खलिद खां, उप्र. प्राथमिक शिक्षरेत्तर कर्मचारी संघ मऊ जिलाध्यक्ष शिखान्त वर्मा आदि कर्मचारी नेता और कर्मचारी उपस्थित रहे।

