चर्चा में

ट्रेन के बहाने कहीं घोसी से चुनाव लड़ने की अपनी जमीन तलाशने तो नहींं आ रहे मनोज सिन्हा ?

(प्रदीप सिंह)

मऊ। वैसे तो अब तक राजनीतिक मायने में मऊ में बाहरी राजनीतिज्ञों के लिए राजनीति हमेशा मुफीद साबित होती नजर आई है। भले ही इस राजनीति में मऊ का विकास न हो सका लेकिन इन बाहरी नेताओं की पल-पल बेहत्तरी साबित हुयी है। ऐसे में एक बार फिर भाजपा के मिशन 2019 के तहत् यह कयास लगाए जा रहा है कि घोसी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की अपनी जमीन तलाशने के मद्देनजर नजर रेल राज्य मंत्री व दूरसंचार मंत्री व पड़ोसी जनपद के सांसद ट्रेन चलाने के बहाने मऊ में अपने लिए राजनैतिक जमीन तलाशने यहां आ रहे हैं यदि उन्हें जमीन रास आई और वक्त ने साथ दिया तो घोसी लोकसभा से चुनाव लड़ कल्पनाथ राय के अधूरे सपनों को पूरा करने का वादा भी कर सकते हैं।

यदि मौका ए हालात मऊ जनपद के घोसी लोकसभा सहित चार विधानसभा सीटों के राजनीतिक पृष्ठभूमि पर एक नजर डाली जाए तो यह स्पष्ट रुप से दिखता है कि घोसी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सिंबल पर चुने गये सांसद हरिनरायन राजभर बलिया जनपद के सियर विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। जबकि मऊ सदर विधानसभा सीट से 5 बार से लगातार कभी इस दल तो कभी उस दल से विधायक हो रहे मोख्तार अंसारी भी गाजीपुर जिले के युसुफपुर मुहम्मदाबाद क्षेत्र से आते हैं। इतना ही नहीं आजमगढ़ जिले के रहने वाले यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान मधुबन विधानसभा से विधायक हैं। और मुहम्मदाबाद गोहना के विधायक श्रीराम सोनकर व घोसी के विधायक फागू चौहान भी आजमगढ़ के निवासी हैं। एक लोकसभा सीट सहित चारों विधानसभा सीटों पर चुने गए माननीय मऊ के बाहर के हैं और मऊ में अपनी राजनीतिक खेती करते हैं इसमें चारों विधायक तो वर्षों से मऊ की राजनीति में लगे हैं। लेकिन वर्तमान में घोसी लोकसभा के सांसद हरिनारायण राजभर 2014 से मऊ में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत किए है।

इतना ही नहीं मऊ में भाजपा बसपा और सपा तीनों दोनों के लिए घोसी लोकसभा बेहद खास होती है लेकिन इन्हें नुमाइंदगी करने के लिए अक्सर बाहर ही रहते हैं शायद मऊ की धरती चुनावी मायने में काफी मददगार साबित होती है। यह विकास का खाका देखा जाए तो जितना विकास पूर्व केंद्र मंत्री कल्पनाथ राय ने किया शायद अभी तक किसी ने नहीं किया है गौरतलब है कि मऊ जंक्शन पर केंद्र की कांग्रेस सरकार में उस समय बसपा संसदीय दल के नेता रहे दारा सिंह चौहान की अगुवाई में टर्मिनल का शिलान्यास किया गया था मऊ जंक्शन के पश्चिमी ओर वाशिंग पिट कार्यक्रम शुरू हुआ, भाजपा के कार्यकाल में ज्यादा से ज्यादा बना भी लेकिन ठप सा है। इतना ही नहीं कांग्रेस राज में ही दारा सिंह चौहान के प्रयास से ही यहां यात्रियों को प्लेटफार्म पर आने और जाने के लिए एक्सीलेटर सुविधा स्वीकृत हुई जिसका निर्माण भी शुरू कराया गया। मौजूदा समय में एक्सलेटर लग भी गया। रेल के मायने में मऊ अभी भी कई सुविधाओं से वंचित है कयास लगाया जा रहा है कि यदि घोसी लोक सभा की धरती श्री सिन्हा को रास आई तो यहां रेल के मायने में रेल सुविधाओं की बौछार हो जाएगी। फिलहाल यह सब बातें भविष्य के गर्त में हैं।

मऊ की राजनीति में बाहरी नेताओं की दखलंदाजी पर मऊ के नेताओं का भविष्य खतरे में है। वही स्थानीय नागरिक भी इस परिपाटी से बेहद नाराज हैं फिर भी मनोज सिन्हा के नाम पर आशीष जायसवाल, कन्हैया कुमार, सुमन्त कुमार, नन्हें, अनिल श्रीवास्तव, प्रमोद सिंह आदि ने बातचीत के दौरान बताया कि जब मुखिया के रूप में बाहरी ही चुना जाना है तो मनोज सिन्हा मऊ जनपद के लिए कल्पनाथ राय के विकल्प साबित हो सकते हैं।

One thought on “ट्रेन के बहाने कहीं घोसी से चुनाव लड़ने की अपनी जमीन तलाशने तो नहींं आ रहे मनोज सिन्हा ?

  • Arvind

    Best Choice for Mau

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *