#कहानी #कथा #रचनाकार #लेखक #शब्द #डायरी

रचनाकार

फ़िदा भी न क्यूँ हो ये ‘हरिलाल’ तुझपे, ग़ज़ल तेरे जलवे निराले बहुत हैं

हरिलाल राजभर… गलतफहमियाँ जो भी पाले बहुत हैं,पड़े जह्न में उनके छाले बहुत हैं । सदा तंज कसना ही जिनकी

Read More