सनबीम के बच्चों ने कैरेक्टर फियेस्टा में प्रस्तुत किया देश का गौरवशाली इतिहास
मऊ। सनबीम स्कूल मऊ में बच्चों द्वारा कैरेक्टर फियेस्टा का मंचन किया गया, जिसमें कक्षा तीन से पाँचवीं तक तथा कक्षा छः से आठवीं तक के विद्यार्थियों नें भाग लिया। इस कार्यक्रम में बच्चों ने ऐतिहासिक चरित्रों की प्रस्तुति कर सभी को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया।
विद्यालय में चल रहे रिडिंग महोत्सव के अंतर्गत कैरेक्टर फियेस्टा का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने रानी पद्मावती, पोरस, चाणक्य, जीजा बाई, चन्द्रशेखर आज़ाद, डा. अब्दुल कलाम आज़ाद, लाल बहादुर शास्त्री, डा. भीम राव अम्बेडकर, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, मंगल पाण्डेय, रानी पद्मावती, जोधा बाई, सावित्री बाई फुले, डा. एनी बेसेन्ट, विजय लक्ष्मी पंडित आदि चरित्रों की प्रस्तुति कर उनके जीवन इतिहास को प्रस्तुत किया।
यह प्रतियोगिता 3 वर्गों में हुई,जिसमें कक्षा 3 में श्यामा (मीरा बाई) नें प्रथम, रूद्र तथा रिया (षिवाजी,लक्ष्मीबाई) नें द्वितीय,तथा प्रियांषु (डा0 राजेन्द्र प्रसाद) नें तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा 4 में आरव ( पोरस) नें प्रथम, उन्नति (पद्मावती) नें द्वितीय, व मृदुलिता (रजिया सुल्ताना) नें तृतीय स्थान प्राप्त किया वहीं कक्षा 5 के अद्वैत कार्तिक (कैलाष सत्यार्थी) नें प्रथम, नायमा (जीजाबाई) नें द्वितीय तथा सुदिप्ती मिश्रा(सरोजनी नायडु) नें तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा छः की हर्शिता ( सावित्री बाई फुले) प्रथम, मान्या ( डा. एनी बेसेन्ट) द्वितीय तथा तान्या ( विजय लक्ष्मी पंडित) नें तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा 7 की नैन्सी ( रानी दुर्गावती) नें प्रथम स्थान, आदिल महफुज़ ( अशफाकउल्लाह खान) नें द्वितीय स्थान तथा राज त्रिपाठी ( राम प्रसाद बिस्मिल) नें तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 8 की आयसा ( हज़रत बेगम) नें प्रथम स्थान, मान्वी (रानी पद्मावती) नें द्वितीय स्थान तथा विषाखा, पियुष, पुश्पहास ( सावित्री बाई फुले, चन्द्रशेखर आज़ाद) नें तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक राकेश गर्ग ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन के माध्यम से हम बच्चों को देश के महान इतिहास से अवगत करातें हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम तिवारी नें कहा कि देश के ऐतिहासिक पृश्ठभुमि के बारे में चरित्रों की प्रस्तुति के माध्यम से हम बच्चों में जिज्ञासा उत्पन्न करते हैं, जिससे छात्र उन चरित्रों के बारे में, उनके जीवन तथा योगदान को पढ़ने के लिये उत्साहित हों।




