वैदिक मंत्रोच्चार के अनुगूंज के बीच मऊ को समर्पित हुआ सर्वेश्वरी मुक्तिधाम पर शवदाह गृह
मऊ। कुछ अलग करने की चाह हो और उसे करने का जुनून तो कोई काम छोटा नहीं होता। बस इरादा मजबूत हो और अटूट हो। इसी इरादे से अपने बड़े भाई की पुण्य स्मृति में उनके प्रेरणा से मऊ नगर वासियों को एक ऐसा तोहफा दिया है जिसकी जरूरत तो सबको थी पर उस ओर न शासन ने ध्यान दिया और ना ही प्रशासन, जनप्रतिनिधि व आम जनमानस ने।
भारतीय रेलवे में पूर्व डीजीएम के पद से सेवानिवृत्त विजय जायसवाल जिनकी सादगी ही उनकी पहचान है। उन्होंने अपने बड़े भाई स्व. महेन्द्र जायसवाल की स्मृति में और उनकी प्रेरणा से नगर के ढेकुलिया घाट स्थित सर्वेश्वरी मुक्तिधाम पर एक विशालकाय शवदाह गृह का निर्माण कराया। जिसमें कम से कम दो लाश का अंतिम संस्कार किया जा सकता है।
बुधवार को नवनिर्मित शवदाह गृह का विधिवत आर्य समाज की वैदिक रीति रिवाज से हवन पूजन अर्चन करने के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय द्वारा फीता काटकर जनता को समर्पित किया गया। इस अवसर पर श्री राय ने कहा कि मऊ नगर में शवदाह स्थल की काफी जरूरत थी। इस स्थल का निर्माण समाजसेवी व राम रतन लाल आर्य धर्मार्थ ट्रस्ट के ट्रस्टी विजय जायसवाल द्वारा करा कर बहुत ही नेक काम किया गया है। उन्होंने कहा कि विजय जायसवाल व विनय जायसवाल के परिजनों ने मऊ नगर वासियों के लिए अंतिम संस्कार हेतु शवदाह स्थल बनवाकर उनकी जरुरतों को पूरा किया है इसके लिए पूरा परिवार बधाई का पात्र है।
अंतिम संस्कार हेतु शवदाह स्थल का निर्माण कराने के बाद भारतीय रेलवे के पूर्व डीजीएम विजय जायसवाल ने कहा कि इस स्थल का निर्माण वे अपने बड़े भाई स्व. महेन्द्र प्रताप आर्य की प्रेरणा से कराएं हैं। उन्होंने कहा कि बड़े भाई की मऊ नगर में एक इच्छा अंतिम संस्कार स्थल के निर्माण की थी, जिसे आज में वासियों को समर्पित कर वे और उनका पूरा परिवार काफी गौरवान्वित हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य के अंतिम संस्कार के लिए शवदाह स्थल का सुव्यवस्थित होना काफी मायने रखता है।
डीएवी इंटर कालेज के पूर्व प्रवक्ता पं. हरिशंकर मिश्र ने कहा कि जितना जन्म लेने वाले का जीना सत्य है उतना ही जीने वाले का मरना सत्य है। हमें अपने कर्म को करना चाहिए। हमें ईश्वर से प्रार्थना करना चाहिए कि वे हमारे जीवन और मरण का कार्य करें।
आर्य समाज के मनीष आर्य ने कहा कि हमारा कर्म ऐसा हो जिसका सभी लोग स्मरण करें।

इस अवसर पर सुरेन्द्र वर्मा, अशोक आर्य, प्रहलाद वर्मा, हरीश जायसवाल, अजय जायसवाल, अशोक राय, ओमेन्द्र सिंह, विनय जायसवाल, संजय जायसवाल, पुरूषार्थ सिंह, प्रतीक जायसवाल,
मुन्ना दूबे, प्रशान्त सिंह, दीपू सिंह, प्रवीण पाण्डेय, भैरवनाथ, अरविन्द कुमार, राजेश जायसवाल, प्रमोद जायसवाल, एडवोकेट अरविंद तिवारी, बब्बन आर्य, सुनील दूबे सोनू, डा. अरविन्द श्रीवास्तव, डा. नम्रता श्रीवास्तव, आनन्द कुमार, पूर्व ब्लाक प्रमुख सर्वेश राय,एडवोकेट नरेन्द्र राय, मनीष जायसवाल, संतोष सिंह पुन्नू, आनंद प्रताप सिंह, मृत्युंजय द्विवेदी, सुगंध लोहिया, राजू सैनी, संतोष सिंह, रंजना रानी मिश्रा, विकास सिंह निकुम्भ, सागर सिंह, धनंजय, शशिकांत, विनय सोनकर, मुकेश साहनी आदि मौजूद रहे।








