चीन में सॉप्टवेयर की दुनिया में इतिहास रच रहे हैं मऊ के प्रज्ञेश
मऊ के निवासी प्रज्ञेश कुमार,किसी पहचान के मोहताज नहीं है, उन्होंने अपनी शिक्षा के दम पर सिंगापुर से लेकर चीन तक का सफर तय किया है, शुरूआती शिक्षा में ही वो अव्वल रहे हैं और लगभग हर कक्षा में अपनी पढ़ाई के दम पर अपनी जगह बनाई है.जिस पूरे गांव में कंप्यूटर किसी ने देखा तक नहीं था, आज उसी गांव के सपूत का लोहा कंप्यूटर और सॉप्टेवयर के क्षेत्र में चीन और सिंगापुर भी मान रहा है. प्रज्ञेश की रुचि शुरू से पढ़ाई में बहुत ज्यादा थी, इसकी वजह ये भी है कि उनकी मां स्वयं एक अध्यापक हैं और उन्होंने हमेशा से अपने बच्चों की पढ़ाई पर खासा ध्यान दिया. प्रज्ञेश ने कक्षा 1 से 5वीं तक दयानंद बाल विद्या मंदिर में पढ़ाई पूरी की फिर वो जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रवेश परीक्षा को पास करने में सफल हो गए…और वहां उन्होंने कक्षा 6वीं की पढ़ाई की और फिर उन्होंने वापस 7वीं और 8वीं के लिए दयानंद स्कूल में दाख़िला लिया…इसके बाद वो 9वीं से 12वीं तक की शिक्षा डीएवी इंटर कॉलेज में मैथ, फिजिक्स , कमेस्ट्री के साथ पूरा किया, हर क्लास में वो फर्स्ट डीवीजीन से पास हुए। 12वीं पूरा करने के बाद वो दिल्ली में इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए चले गए…और फिर कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा…मां-बाप, घर और गांव को छोड़कर राजधानी दिल्ली का ये सफर उनके लिए आसान नहीं था, मुश्किलें तमाम थी लेकिन मजबूत हौसलों से वो हर मुश्किलों का डटकर सामना करते रहे…करीब एक साल की कड़ी मेहनत के बाद प्रज्ञेश All India Engineering Entrance Examination( AIEEE) की परीक्षा पास करने में कामयाब हो…और फिर उन्होंने Sathyabama University, Chennai में दाखिला लिया…और यहां भी वो अपनी मेहनत और गणित के प्रति अपने जुनून को लोहा मनवाने में कामयाब रहे, प्रज्ञेश ने यहां मैथमैटिक्स में टॉप किया और यही वजह थी कि पढ़ाई के दौरान ही उन्हें कई बड़ी कंपनियों में नौकरी के ऑफर्स मिलने लगे, बाद में उन्होंने बेंगलुरू की एक कंपनी में बतौर इंजीनियर ज्वाइन कर लिया…और यहां नौकरी के साथ-साथ वो पढ़ाई भी करते रहे, और यहां भी कामयाबी प्रज्ञेश के पीछे-पीछे चलती रही पहले उन्होंने Staff Selection Commission की परीक्षा पास की जिसमें उन्हें CISF सब इंस्पेक्टर(SI) के पद पर चयन हुआ, इसके बाद IBPS की परीक्षा भी उन्होंने पास की जिसके जरिए उन्हें सरकारी बैंक में Probationary Officer(PO) नौकरी का ऑफर मिला…हालांकि इन दोनों नौकरियों को उन्होंने ज्वाइन नहीं किया…क्योंकि कंप्यूटर और सॉप्टवेयर के प्रति उनाका लगाव काफी ज्यादा था, इसी बीच उनका सलेक्शन सिंगापुर की एक कंपनी में हो गया…और फिर वो सिंगापुर चले गए, यहां भी उन्होंने नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखी क्योंकि प्रज्ञेश का पढ़ाई से लगाव काफी गहरा था, सिंगापुर में नौकरी के दौरान ही वो NUS की परीक्षा पास करने में कामयाब हो गए…और इसके जरिए उन्हें National University of Singapore(NUS)में एडमिशन मिल गया. जहां से उन्होंने M.Tech(Software Engineering) की डिग्री हासिल की

….और यहां M.Tech(Software Engineering) की पढ़ाई पूरी होने के बाद प्रज्ञेश को चीन से नौकरी का ऑफर मिला…और 2018 से वो चीन में नौकरी कर रहे हैं.प्रज्ञेश जितने पढ़ाई में अव्वल हैं, उतना ही समाज सेवा में भी, माटी से दूर होकर भी प्रज्ञेश अपने लोगों की मदद करने से पीछे नहीं हटते वो युवाओं को पूरी मदद करते हैं…उन्होंने युवाओं और मऊ के लोगों के लिए की मदद के लिए एक वेबसाइट https://mauinformation.com/ और मोबाइल ऐप भी बना रखी है, जिसके जरिए शिक्षा, करियर, स्वास्थ्य के साथ-साथ मऊ से जुड़ी तमाम जानकारिया को लेकर गाइड करते रहते है.

, इतना ही नहीं वो उन्हें ना सिर्फ मोरल सपोर्ट करते हैं ब्लकि जरूरतमंदों की वो आर्थिक मदद भी कर चुके हैं,उनकी समाज सेवा के अर्थ इन बातों से भी समझा जा सकता है कि वो स्वदेश की अनेक सामाजिक संस्थाओं एवम् विदेश की RedCross society Singapore को पिछले कई सालों से ऐक्टिव मेम्बर हैं और निरंतर सहयोग कर रहे हैं… अपने कार्य क्षेत्र IT engineering में भी उन्होंने automation सम्बंधित अनेक खोजें की है और समस्त विश्व के IT engineers उनकी तकनीकी वेबसाइट से सीखते एवं लाभान्वित हो रहे हैं। हालाँकि फिलहाल वो पिछले 10 साल से अपने देश से बाहर हैं लेकिन सात समंदर पर भी उनका दिल अपनी माटी, अपने गांव, अपने शहर और अपने देश के लिए धड़कता रहता है, वो जब भी मऊ आते हैं लोगों से मुलाकात करते हैं. जरूरतमंदों की मदद करते हैं और अपने अनुभव से युवाओं को गाइड करते हैं, उनकी इस कोशिश और कामयाबी के लिए अपना मऊ की टीम भी उन्हें धन्यवाद देती है.


