खास-मेहमान

आखिर मजदूर बड़े शहरों से पलायन क्यों कर रहे हैं ?

वर्तमान समय में एक मुद्दा सोशल मीडिया पर बना हुआ है कि मजदूर बड़े शहरों से पलायन क्यों कर रहे हैं??
मेरे विचार से मजदूर बड़े शहरों से पलायन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें विश्वास है कि गांव भूखा नहीं मरने देगा। गांव में बेकारी हो सकती है लेकिन भुखमरी नहीं है। लाख विपन्नताओं के बाद भी गांव में भूख से शायद ही कोई मरता हो!
शहर आवश्यकता नहीं सपने पूरा करता है ।
आवश्यकता के लिए अपनी मिट्टी में ही आना होता है ।

जड़े जड़े होती हैं …आज मजदूरों को सपने नहीं आवश्यकता पूर्ण करनी है ।
वह भी तब जब कोई सन्तोष जनक सरकारी सहायता नहीं मिल पा रही है। शायद अब कोई स्वयं सेवी संस्था राशन बांटने नहीं आ रहा।
गांव अपने बलबूते पर जिन्दा है लेकिन शहर ज्यादा दिन अपने बूते जिन्दा नहीं रह सकते, क्योंकि न तो वो अनाज पैदा करते हैं, न पानी पैदा करते हैं; वो जो पैदा करते हैं उसे खा नहीं सकते।
इसीलिए सभ्यता की इक्कीसवीं सदी में भी गांव शहरों से श्रेष्ठ हैं और एक सभ्यता के लिए गांव होने जरूरी हैं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *