लड़की हूं लड़ सकती हूं! पूजा राय का कांग्रेस को बाय-बाय!
@ आनन्द कुमार…
मऊ। प्रियंका गांधी का नारा लड़की हूं लड़ सकती हूं, यूपी के 2022 चुनाव में जमकर चला था और प्रियंका गांधी का नारा राजनीति के मैदान में सार्वजनिक होने से पहले ही उस नारे को मऊ की राजनैतिक सर जमीं पर चरितार्थ कर रही पूजा राय ने कांग्रेस के प्रति अपनी पूरी ईमानदारी और वफादारी दिखाई थी। वावजूद इसके उन्हें कांग्रेस ने घोसी से उम्मीदवार घोषित नहीं किया। दुःखी पूजा राय ने फिर भी कांग्रेस के पंजे से अपना हाथ नहीं छुड़ाया और कांग्रेसी बनी रही।
राजनीति में अलग तेवर रखने वाली पूजा राय ने कांग्रेस के पंजे को बाय बाय करते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी के सभी पदों से शनिवार को इस्तीफा दे दिया है।
पूजा राय ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं कांग्रेस पार्टी की आम सदस्यता से इस्तीफा दे रही हूं। मुझे अब इस पार्टी में रहने का कोई हक नहीं है। मैंने पार्टी में ईमानदारी से कार्य और संघर्ष किया और मैं सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं कर सकती हूं।
उन्होंने इस्तीफा देने के कारण में संगठन द्वारा पीसीसी के सदस्य बनाए गए लोगों में बरती गई भेदभाव और अनियमितता को बताया। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्ष ने जो मऊ से लिस्ट भेजा वह लिस्ट लखनऊ से ही गायब हो गई। उन्होंने मऊ के एक नेता के इशारे पर यह सारा खेल होना बताया। कहा कि कुछ तथाकथित लोग चाहते हैं मऊ में कोई दूसरा नेता पैदा न हो। इस मनोनयन से खुन्नस खा कर पूजा राय ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया।
उन्होंने अमरेश चंद्र पाण्डेय, वैष्णवी राय, माधवेंद्र बहादुर सिंह, ओमप्रकाश ठाकुर, कैलाश चौहान, प्रियंका यादव, अनीता गौतम, आफताब आलम, मासूम अंसारी, घनश्याम सहाय को बधाई देते हुए चाटुकारों से दूर रहने को कहा।
कांग्रेसी नेत्री पूजा राय अपने कार्य करने की अलग शैली से कांग्रेस को मजबूत करने के लिए पूरी ईमानदारी से पार्टी में बनी रही। मऊ से लेकर लखनऊ तक उन्होंने कांग्रेस के लिए जीतना चल सकती थी चली। पार्टी हो या सोशल मीडिया उन्होंने अपने अंदाज के साथ कभी भी समझौता नहीं किया। जब कांग्रेस के सितारे गर्दिश में हैं तब भी पूजा राय ने अपनी आस्था पूरी नेकनियति से कांग्रेस के प्रति ही रखी। जबकि सोशल मीडिया से लेकर व्यक्तिगत लोग कहते और सुनते मिले कि आपको कांग्रेस में नहीं किसी और दल में होना चाहिए। लेकिन पूजा राय ने झुकी न डिगी, अलबत्ता बोलती रहीं और कांग्रेसी बनी रही। लेकिन विधानसभा 2022 के चुनाव में घोसी में दिन रात एक करके अपनी पहचान बना रही पूजा राय को उस वक्त कड़ा झटका लगा था जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने घोसी विधानसभा से उन्हें टिकट देने की बजाय कांग्रेस नेता राजमंगल यादव की पत्नी प्रियंका यादव को टिकट दे दिया जिनका पब्लिक के बीच में न तो कोई संवाद था ना पार्टी के प्रति कोई जमीनी धरातल पर कार्य। ऐसे में पूजा राय खून का घूंट पीकर कांग्रेस के हुक्मरानों तक विरोध के स्वर पंहुचाए तो जरूर गई लेकिन सबने कोरा आश्वासन देकर पूजा राय को शांत करा दिया। पार्टी नेताओं की बात मान पूजा राय पार्टी के प्रति दरियादिली दिखाई और प्रियंका गांधी के 2022 के स्लोगन लड़की हूं लड़ सकती हूं को चरितार्थ करते हुए कांग्रेस का झण्डा बुलन्द करती रही।
लेकिन पुनः पीसीसी सदस्य की लिस्ट जारी होने पर पूजा राय लिस्ट की सूची देख भड़क गई और वह कांग्रेस के जिला प्रवक्ता पद के साथ पार्टी को ही बाय-बाय तथा सदा के लिए अलविदा कह दिया। उनका कहना है कि एक नेता के इशारे पर पार्टी में जो हो रहा है वह उचित नहीं है। ऐसे में इस में बने रहना उनके बस की बात नहीं है। पूजा राय का कांग्रेस से मोह भंग होना और इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए एक महिला की तेजतर्रार लीडर को खो देने का तगड़ा झटका है। ऐसे में पूजा राय किस दल में जा रही हैं यह तो वही जाने लेकिन आशंका व्यक्त की जा रही है कि वे या तो भाजपा या तो सपा का दामन थाम सकती हैं।

