ईओ की पालिका कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक, शौचालयों निर्माण प्रक्रिया पर रहा जोर
मऊ। अधिशासी अधिकारी द्वारा नगर पालिका स्थित मीटिंग हाल में नगर पालिका परिषद द्वारा शौचालय बनवाने हेतु जिन लाभार्थियों को अनुदान धनराशि की किश्तें दी जा चुकी हैं और उनके द्वारा शौचालय निर्माण का कार्य आरम्भ नहीं कराया जा सका है उनके बारे में समीक्षा बैठक की गयी। उन्होंने शासन द्वारा घोषित प्रधानमंत्री आवास योजना, पात्र गृहस्थी योजना, उज्जवला योजना व अन्य लाभकारी योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की। अधिशासी अधिकारी ने कहा कि जिन लाभार्थियों ने अभी तक अपने घरों मे शौचालय निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया है वे तत्काल शौचालय निर्माण का कार्य शुरू करादें। ऐसा न करने की स्थिति में उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। अधिशासी अधिकारी ने शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के अन्तर्गत हर घर में अपना शौचालय हो, के उद्देश्य के तहत मा0 सदस्यगण, सफाई इन्सपेक्टर नरेश कुमार व पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उक्त समीक्षा बैठक की। जिससे नगर के सभी ऐसे घरों में जहां शौचालय निर्मित नहीं हैं वहां पर शौचालयों का निर्माण सुनिश्चित कराया जा सके और जिन लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत अनुदान की धनराशि निर्गत की जा चुकी हैं पर उनके द्वारा घरों में शौचालय निर्माणाधीन नहीं हैं वहां भी शौचालयों का निर्माण सुनिश्चित कराया जाय तथा जो व्यक्ति शौचालय की धनराशि प्राप्त करने के पश्चात शौचालय का निर्माण नहीं कर रहे हैं उनके विरूद्ध नोटिस जारी कर आवश्यक कार्यवाही करने के लिये अधिशासी अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है। जानकारी देते हुये बताया कि इस सम्बन्ध में 28 जूलाई से 4 अगस्त तक प्रतिदिन 11 बजे से 1 बजे तक जबकि 3 अगस्त को शुक्रवार होने की वजह से 2 बजे से 4 बजे तक जगह-जगह चैपाल लगा कर सरकार द्वारा चलायी जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि जिन पात्र लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है वे भी अपने राशन कार्ड बनवालें। इसके लिये चैपालों में लोगों को जानकारी उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने अपनी अपील में लोगों को जागरूक करते हुये बताया कि फार्म भर कर चैपालों में भी जमा कराने की व्यवस्था की गयी है। आप इस अवसर से न चूकें और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि नगर के 161 कोटेदारों की सूचि उपलब्ध करायी गयी है। इन सूचियों में अंकित लाभार्थियों के नामों को खुले तौर पर बोल कर बताया जायेगा। इनमें से किसी लाभार्थी के नाम पर आपत्ति आने पर कार्यवाही की जायेगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और पात्र व्यक्तियों को शासन की मंशा के अनुसार लाभांवित किया जा सके।

