NDRF की टीम ने नदियों के तटीय क्षेत्र के गांवों के लोगों को डूबने से बचाव के तरीक़े बताए
गोरखपुर। एनडीआरएफ की टीम ने ग्रामीणों को बाढ़ जैसी आपदा से बचाव की उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी इस दौरान सभी को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व किए जाने वाले उपायों की जानकारी देने के साथी उसका डेमो भी दिखाया गया 20.05.23 दिन शनिवार नदियों के समीप बसे हुए गांव के बच्चे ग्रीष्मकालीन में नदियों में नहाने के लिए जाते हैं और खेल-खेल में अपनी जान गवां बैठते हैं। उपर्युक्त तराई बेल्ट में प्रत्येक वर्ष लगभग सैकड़ों लोगों का नदी में डूबने के कारण मौत हो जाती है।
उपर्युक्त घटनाओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने प्रत्येक जिले में सक्रिय आपदा सलाहकारों से डुबने की घटनाओं का आंकड़ा इकट्ठा किया गया और जहां पर सबसे ज्यादा डुबने की घटना घटित हुई है उन स्थानों को रेड जोन में रखा गया है, तथा इन क्षेत्रों में कम से कम ऐसी घटना घटित हो इसके लिए 11वीं वाहिनी के *उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में एनडीआरएफ के द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप कमांडेंट संतोष कुमार के कुशल दिशा निर्देशन पर आज जनपद गोरखपुर के तहसील बांसगांव के करजही ग्राम सभा के लोगों को जागरूक करने के लिए ग्राम प्रधान ओपी शुक्ला के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस अभियान के अंतर्गत उपनिरीक्षक राम दयाल सिंह एवं प्रशिक्षक टीम ने गांव वालों को बताया की घरेलू सामान से तैरने वाली वस्तु , स्ट्रेचर को कैसे तैयार किया जाता है और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, सर्प दंश के दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, आकाशीय बिजली से बचाव का तरीका, डूबते हुए व्यक्ति को बचाने का तरीका एवं पानी निकालने का तरीका, सी.पी.आर पद्धति के बारे में प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया एवं गांव के लोगों द्वारा उपयुक्त प्रशिक्षण का अभ्यास कराया गया तथा बाढ़ से पहले बाढ़ के दौरान एवं बाढ़ के उपरांत के क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए इसके बारे में विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दिया गया।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गोरखपुर गौतम गुप्ता जिला आपदा विशेषज्ञ, मास्टर प्रशिक्षक अंकित सिंह, राणा प्रताप सिंह एवं विवेक तिवारी उपस्थित रहे।


