नौसेना के जवानों ने संभाली कमान, ऑक्सीजन प्लांट और अस्पतालों का किया दौरा।
भारतीय नौसेना तथा आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रमुख अस्पतालों में संयुक्त रूप से ऑक्सीजन प्रणालियों की मरम्मत और ऑडिट का कार्य शुरू किया
आंध्र प्रदेश राज्य प्रशासन के अनुरोध के आधार पर नौसेना डॉकयार्ड विशाखापत्तनम (एनडीवी) की विशेषज्ञ टीमों ने संयुक्त रूप से ऑक्सीजन वितरण प्रणालियों और उत्पादन संयंत्रों की मरम्मत और ऑडिट पूरी किया। पिछले एक महीने से राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ करीबी तालमेल के साथ काम करते हुए छह नौसैनिक दलों ने प्रदेश के कई दूर-दराज के स्थानों को कवर किया, जिनमें नेल्लोर, तिरुपति, गुंटूर, ओनगोल, राजमुंदरी, अनंतपुर, विजयवाड़ा, काकीनाडा और कडप्पा समेत 12 शहरों के सरकारी अस्पतालों का दौरा किया गया। इसमें 15 बड़े अस्पतालों और ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट वाले 4 उद्योगों का दौरा शामिल था।

विशेषज्ञ टीमों ने मौजूदा ऑक्सीजन वितरण प्रणालियों का गहन निरीक्षण किया और स्थानीय प्रशासन के साथ समाधान खोजने पर कार्य किया। कई स्थानों पर इन टीमों ने जहाजों/पनडुब्बियों पर काम में लाई जाने वाली तकनीकों का उपयोग करते हुए लाइव सिस्टम पर काम किया। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि मरीजों को ऑक्सीजन आपूर्ति में कोई रुकावट न आए। टीमों ने एनडीवी द्वारा विकसित पोर्टेबल मल्टीफीड ऑक्सीजन मेनिफोल्ड की स्थापना तथा प्रदर्शन किया जिस प्रणाली को स्थानीय उद्योग आसानी से निर्मित कर सकते हैं।
श्री कृष्ण तेजा एयर प्रोडक्ट्स, नेल्लोर में क्रायोजेनिक ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, जो 2012 से काम नहीं कर रहा था, शुरू करते समय एनडीवी टीमों और स्थानीय प्राधिकरणों के बीच तालमेल का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया गया। यार्ड टीम संयंत्र चलाने और ऑक्सीजन पैदा करने के लिए एक सप्ताह के लिए साइट पर रही और प्रदेश की ऑक्सीजन उत्पादक क्षमता को एक बड़ा बढ़ावा दिया।
इसी तर्ज पर एनडीवी कर्मियों ने श्रीकलाहस्ती, तिरुपति के वीएसपीए संयंत्र में मेडिकल प्रयोजन के लिए माकूल ऑक्सीजन उत्पादित करने में सफलता हासिल की। नौसेना ने श्रीकाकुलम के पलासा में ऑक्सीजन ऑन व्हील्स सुविधा भी स्थापित की है जिससे एक कोविड देखभाल केंद्र में ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

