राम की नगरी में ब्राह्मण समाज को राम-राम कहने के लिए मायावती ने भेजा सतीश चन्द्र मिश्र को

■ भाजपा से नाराज ब्राह्मण समाज का नब्ज टटोल संदेशा ले गये सतीश
■ भाजपा और सपा के खेल में बसपा खेला होबे की तैयारी में
( आनन्द कुमार )
अयोध्या की पावन भूमि, भगवान श्रीराम व पवनसुत हनुमान का दर्शन सरयू नदी का पूजन अर्चन, स्मृति चिन्ह स्वरूप गदा भेंट व जयश्रीराम का उद्घोष। बहुजन समाज पार्टी की छांव में मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम की नगरी में प्रवुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी के सहारे 2022 की उत्तर प्रदेश की चुनावी वैतरणी पार करने की भाजपा व सपा से सियासत के संग्राम में बात-बात में बहुत कुछ कह गये बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश चन्द्र मिश्र। बसपा को पाने को बहुत कुछ व खोने को कुछ भी नहीं की उम्मीद के साथ अपने पुराने प्रयोग की बदौलत राजनैतिक जमीन तैयार करने के लिए ब्राह्मणों की जमीर जगाने का हुंकार भरते हुए सतीश चन्द्र मिश्र ने कहा कि ब्राह्मण समाज जन्मा ही इसलिए है कि लोगों की सेवा की जा सके।

सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि 2022 में बसपा की सरकार बनने जा रही है। ब्राह्मण समाज के कारण ही बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार आई थी। कहा कि 13 प्रतिशत ब्राह्मण व 23 प्रतिशत दलित एक हो जाए तो सरकार बबने से कोई रोक नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी है जो 40 ब्राह्मणों को सदन लेकर गई और भाजपा सरकार में 400 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से संज्ञान लेने को कहते हुए कहा कि आखिर खुशी दूबे का क्या दोष है जो 16 साल की उम्र में जेल में बंद है। श्री मिश्र प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी के बहाने ब्राह्मण समाज को वर्तमान में राजनीति का वह ककहरा पढ़ा गये जिसके लिए वह आए थे। वे अपने समाज के हर उस व्यक्ति को सोचने, समझने व निर्णय लेने के लिए एक ऐसा ज्वलंत मुद्दा दे गए, जिसके आंच पर अगर राजनीति की रोटी सिंक गई तो वाह-वाह नहीं तो बसपा को पाने को बहुत कुछ है खोने को कुछ भी नहीं। भगवान राम की नगरी में कुछ घंटे दर्शन पूजन व कुछ घंटे अपनों के बीच बसपा सांसद का रहना 2017 के विधानसभा व 2019 के लोकसभा में हांसिए पर रही बसपा में जान फूंक गये। वैसे तो उत्तर प्रदेश के चुनावी संग्राम में अभी वक्त है लेकिन सूत्रों की माने तो सब कुछ बसपा सुप्रीमों मायावती ने तय कर रखा है। वे भाजपा और सपा के खेल में पूरी खेला होबे की तैयारी में हैं। ऐसे में अयोध्या में सतीश चन्द्र मिश्र के दस्तक देने से पहले ही मायावती ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में इस तैयारी के बावत बता दिया था। ऐसे में इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि अंदरखाने में भाजपा से नाराज ब्राह्मण समाज के नब्ज को पकड़ मायावती इस समाज के वोट की बदौलत गेम चेंज कर देना चाहती हैं, इसलिए उन्होंने मौके व नजाकत को भांप ब्राह्मण समाज के दुखती रग पर मलहम लगाने के लिए राम की नगरी में ब्राह्मण समाज को राम-राम व जयराम कहने के लिए सतीश मिश्र को भेजा है।


