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नदियों के अधिकारों की रक्षा संवैधानिक जिम्मेदारी : सुबूही खान

मऊ। विश्व नदी दिवस के अवसर पर रविवार को पालिका कम्युनिटी हॉल, मऊ में “नदी चिंतन-2025” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जल उत्सव से हुई। उद्घाटन सत्र में प्रभात राय ने विषय प्रवर्तन करते हुए “लोक दायित्व” के विविध कार्यों और नदियों व जल संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद अलंकार कौशिक ने अभियान गीत प्रस्तुत कर वातावरण को जीवंत बना दिया।

कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में शामिल प्रोफेसर राजीव प्रताप सिंह (पर्यावरण विज्ञान विभाग, बीएचयू) ने कहा कि नदियों की पारिस्थितिकी ही जीवन की नींव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानव जीवन का प्रत्येक क्रियाकलाप सीधे–सीधे नदियों पर ही निर्भर है।

बिहार से आए नदी कार्यकर्ता पंकज मालवीय ने उद्घोष किया कि नदियों को बचाने की जिम्मेदारी उन लोगों की है जो उनके दोहन और प्रबंधन से जुड़े हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से ही नदियों की स्थिति में सुधार संभव है।

मर्यादा पुरुषोत्तम पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने नदी संरक्षण विषय पर एक भावपूर्ण एकांकी प्रस्तुत की, जिसे श्रोताओं ने सराहा।

डॉ. पवन कुमार सिंह, केंद्रीय संयोजक एवं मुख्य न्यासी, लोक दायित्व ने “मूल सरयू” के उद्गम, उसके ऐतिहासिक महत्व, वर्तमान की दुर्दशा और उसके संरक्षण हेतु लोक दायित्व द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी।

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता एवं राष्ट्र जागरण अभियान की संयोजिका सुबूही खान ने नदियों के अधिकार विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा – “प्रकृति को बचाने की लड़ाई में जितने लोग कार्य कर रहे हैं, वे ही आज के युग के नव देवता हैं और उनके प्रयास नव तीर्थ के समान हैं। नदियों के भी अधिकार हैं और यह हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी है कि हम सब मिलकर उनका संरक्षण करें।”

कार्यक्रम का मार्गदर्शन डॉ. पवन कुमार ने किया। संयोजन में अनिल वर्मा, सह संयोजन में अभिनव तिवारी की भूमिका रही। सहयोगियों में प्रभात राय, डॉ. दिग्विजय सिंह, भानुप्रकाश पाण्डेय और आनंद सिंह ने सक्रिय योगदान दिया।

कार्यक्रम में डीसीएसके महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वेश पांडेय, मर्यादा पुरुषोत्तम पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. निर्मला सिंह, सहित अलका सिंह, अपर्णा सिंह, अलका राय, अरविंद सिंह, संजय राय, दुर्गेश, विवेक आदि गणमान्य उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय ने संकल्प लिया कि नदियों और जल संरक्षण के लिए समाज के हर स्तर पर जनजागरण और जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

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