राम कथा में गूंजे ‘बम-बम भोले’ के जयकारे, शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु
० शिव–पार्वती विवाह प्रसंग पर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
० अलौकिक शिव बारात के वर्णन ने बांधा भक्ति और आनंद का समां
मऊ के जीवन राम इंटर कॉलेज, छात्रावास के विशाल मैदान में फ्रेंड्स कांवरियां दुर्गा मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक आनंद का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा व्यास पूज्य श्री रितेश जी महाराज ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण, रोचक एवं जीवंत वर्णन प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर पूरा कथा पंडाल शिवमय हो उठा।
कथा की शुरुआत माता सती के त्याग तथा तत्पश्चात पर्वतराज हिमालय के घर माता पार्वती के रूप में अवतरण की मार्मिक कथा से हुई। पूज्य व्यास जी ने माता पार्वती द्वारा भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने हेतु की गई कठोर तपस्या का ऐसा सजीव चित्रण किया कि श्रोता भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूब गए।
अलौकिक शिव बारात का मनोहारी वर्णन
कथा का सर्वाधिक आकर्षक प्रसंग भगवान भोलेनाथ की विचित्र एवं अलौकिक बारात का रहा। नंदी पर सवार, भस्म रमाए, गले में सर्पों की माला धारण किए भगवान शिव की बारात—जिसमें भूत, प्रेत, पिशाच एवं गण बाराती बने—का वर्णन होते ही पूरा पंडाल हर्ष, उल्लास और भक्ति से गूंज उठा। व्यास जी ने बताया कि यह विवाह केवल दो देव शक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि वैराग्य और शक्ति, पुरुष और प्रकृति के दिव्य संतुलन का प्रतीक है।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
शिव विवाह प्रसंग के दौरान प्रस्तुत संगीतमय भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। “शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ” जैसे भजनों पर श्रद्धालु अपने स्थान पर खड़े होकर झूमते नजर आए। कथा स्थल बार-बार ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान होता रहा।
कथा के समापन पर विधिवत भव्य आरती का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं के मध्य प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के प्रकाश चंद्र राय (संयोजक), नंदू गुप्ता, मनोज राय, सुनील यादव एवं अश्वनी बर्नवाल सहित सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

