श्रद्धांजलि का अवसर, मगर सुरक्षा में लापरवाही! मऊ की आवाम और प्रशासन को सीखने की ज़रूरत
नेता आपकी समझदारी आपकी—मऊ की आवाम की ज़िम्मेदारी भी आपकी और सच्चे समाजवादी होने की पहचान भी आपकी!
@आनन्द कुमार
सपा मुखिया अखिलेश यादव आज मऊ के घोसी में अपने विधायक स्वर्गीय सुधाकर सिंह के ब्रह्मभोज में नमन करने पहुँचे। यह अवसर श्रद्धांजलि का था, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था जिस तरह लड़खड़ाई, वह चिंतन का विषय है।
नेता—आपकी समझदारी आपकी!
मऊ की आवाम और सच्चे समाजवादी होने की ज़िम्मेदारी भी आपकी है।
स्थानीय कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा व्यवस्था की ऐसी धज्जियाँ उड़ाईं कि भीड़ में अरशद ही नहीं, कई विधायक, पूर्व विधायक, नेता, अधिकारी, पत्रकार और सुरक्षाकर्मी तक धक्का-मुक्की के शिकार हुए।
लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ नेताओं को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही है। सब अपने फायदे और नुक़सान के हिसाब से बातें कर रहे हैं! कुछ लोग नेताओं को टार्गेटेड करके बातें कर रहे है उसे परफ़ॉर्मेंस से जोड़ रहे हैं तो वहीं कुछ और कुछ कह रहे हैं! लेकिन सुरक्षा को लेकर जो स्थिति उत्पन्न हुई उसे लेकर सब चुप हैं। यह चुप्पी का वक्त नहीं सचेत होने का वक्त है! फिर भी सुरक्षा में लगे लोगों ने काफी मशक़्क़त कर अपने दायित्व की पूर्ति किए।
ब्रह्मभोज में स्थानीय पुलिस, ब्लैक कैट कमांडो और अखिलेश यादव की सुरक्षा में लगे जवान—सभी से स्थानीय लोगों की वजह से चूक हुई।
एक साधारण रस्से के सहारे भीड़ को संभालने की व्यवस्था शुरुआत से ही नाकाफ़ी थी। स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस स्थिति को और गंभीरता से समझने की ज़रूरत थी। खैर सब संभल गया लेकिन काँप सभी गए थे।
अब भीड़ की वजह से जो भी हुआ धक्का मुक्की के शिकार कौन हुए कौन नहीं यह बताने का समय नहीं है।जनता और नेता आपस में चाहे जितनी चुटकुलेबाज़ी कर लें, लेकिन प्रशासन और सुरक्षा तंत्र की जिम्मेदारियाँ मज़ाक नहीं होतीं।
अखिलेश यादव की सुरक्षा में लगे अधिकारियों और कर्मियों को आगे के लिए और अधिक सतर्क होने की आवश्यकता है।
और सबसे बड़ी बात—जो कार्यकर्ता अखिलेश यादव को अपना नेता, अपना आदर्श मानते हैं, उनसे मिलने को व्यग्र रहते हैं—उन्हें भी सोचने की ज़रूरत है कि एक झलक के लिए सुरक्षा घेरा तोड़ देना कहाँ से न्यायसंगत है?
नेता सुरक्षा में हों या जनता के बीच—जिम्मेदार व्यवहार दोनों का कर्तव्य है।
आख़िर में फिर वही बात—
नेता आपकी समझदारी आपकी,
मऊ की आवाम और समाजवादी मर्यादाओं की ज़िम्मेदारी भी आपकी।

