मिसाल-ए-मऊ

मऊ के नेता कल्पनाथ राय बनना इतना आसान नहीं है, दिखावा बंद करो नेता जी…

( आनन्द कुमार )

चुनाव आने वाला है नेताजी लोग सड़क से सदन की ओर जाने के लिए टिकट मांगने की जोर आजमाइश करना शुरू कर दिए हैं। ऐसे में बहुतेरे अपने दावे में “कल्पनाथ” बनने का दावा भी करने लगे हैं और बहुतेरे करने लगेंगे। कुछ जो जीत कर निवर्तमान हो गये कुछ जो वर्तमान हैं वह भी कभी विकास पुरुष “कल्पनाथ राय” के नक्शे कदम पर चलने का वादा और दांवा किए थे, लेकिन उनका वादा तेरा वादा ही रह गया और वादा टूट गया। ऐसे में उम्मीद की राजनीति और वादा का भरोसा देने वाले नेता सड़क पर जनता के बीच अपने कहकरा सुनाने वाले हैं। किस पार्टी से कौन आएगा, किसे टिकट मिलेगा किसे नहीं अभी कुछ भी चर्चा में नहीं है। लेकिन इतना तो तय है टिकट की लाइन में समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेताओं के संपर्क में बहुतेरे लगे हुए हैं। मैं किसी भी नेता से कुछ भी उनके भविष्य प्लानिंग के बारे में नहीं कहना चाहता हूं। लेकिन हां इतना जरूर कहना चाहता हूं कि आप को टिकट मिले तो आप मैदान में आइए, चुनाव लड़िए, अगर आप जीत गए तो आपको बधाई, ना जीत पाए तो अगली जीत के लिए लग जाइए लेकिन कृपया करके मऊ की राजनीति के महापुरुष “कल्पनाथ राय” बनने का नाम मत लिया करिए। वादा मत किया करिए, मऊ के सृजनहार, मऊ के शिल्पी, मऊ के विकास कण-कण में रचने वाले और बसने वाले कल्पनाथ राय जैसी शख्सियत, कल्पनाथ जैसा महानायक राजनीतिकार बनना आसान नही है। इसलिए अगर आपको कल्पनाथ राय बनना है कल्पनाथ राय की उम्मीदों पर खरा उतरना है तो कृपया कल्पनाथ राय बनने की कल्पना जनप्रतिनिधि बनने के बाद कल्पनाथ बन कर दिखाइएगा न की कह कर। कृपया आप उस महापुरुष के नाम को बेचकर उसकी आत्मा को कष्ट मत दिजीए। विकास पुरूष कल्पनाथ राय की जयंती और पुण्यतिथि पर दो अदद फूल भी आपके द्वारा उनके पैरों में चढ़ने के लिए तरस जाते हैं। इसलिए आप कल्पनाथ बनने की कहकरा मत पढ़िए।

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