जनवादी लेखक संघ का नौवां राज्य सम्मेलन आजमगढ़ में सम्पन्न हुआ

आजमगढ़। जनवादी लेखक संघ का नौवां राज्य सम्मेलन का शुभारंभ गरुण सभागार होटल गरूण आजमगढ़ में हुआ। “हमारा समय और साझे संस्कृति हस्तक्षेप की जरूरत” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असगर वजाहत , राष्ट्रीय अध्यक्ष जलेस और उदघाटनकर्ता संजीव कुमार, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव, जलेस रहे। इस अयोजन में एकत्रित लेखक वा विचारक समाज को एक सार्थक दिशा देने के लिए विचार विमर्श करेंगे। कार्यक्रम का शुभारम्भ जनवादी लेखक संघ के संस्थापक सदस्य साहित्यकार स्व. मारकंडेय सिंह की पुत्री व जनपद की सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ स्वस्ति सिंह ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का प्रारंभ संकल्प समूह ने अपने जनगीतो के माध्यम से किया। हिंदी व उर्दू के प्रसिद्ध लेखक असगर वजाहत ने सिर्फ अपने जैसों के साथ सीमित न रहकर विरोधी विचारधारा के साथ भी बैठने की जरूरत की बात कही । उनका कहना है राजनीति कभी भी सांस्कृतिक विकास नहीं चाहती क्योंकि यह पक्ष तर्क को मजबूत करता है। इस कार्यक्रम में अन्य विचारकों ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। प्रथम सत्र के समापन पर सांस्कृतिक प्रस्तुति जांघिया लोक नृत्य द्वारा की गई।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काव्य पाठ व मुशायरा का अयोजन किया गया। जिसमें पूरे प्रदेश से आए कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
इस कार्यक्रम में जलेस के प्रदेश सचिव जेलस ईकाई आजमगढ़ की सचिव सोनी पांडेय, उपाध्यक्ष अरुण मौर्य व आरसी चौहान, कोषाअध्यक्ष कंचन मौर्य, अजय गौतम आदि लोग शामिल रहे।

