अपना जिला

स्वीकार करिए दीपावली की बधाई, मेरी कविता के माध्यम से…

मेरी कलम से…
आनन्द कुमार

शुभ दीपावली…

दीपों की रोशनी है,
जहां को जगमगाने दो,
सूर्य की लालिमा संग,
चांद तारों को टिमटिमाने दो,
त्योहार है, यह अपनों का,
अपनों के लिए इसे,
तरन्नुम सा गुनगुनाने दो,
मोहब्बत के बोल का,
हर तरफ कर दो शोर,
नफरतों को आग में,
धुएं संग जल जाने दो,
गूंज इतनी तेज हो पटाखों की,
धर्म और जाति का नफरत,
जर्रे-जर्रे में मिट जाने दो,
यह राम की नगरी,
यहाँ सत्य की है पूछ,
झूठ के किस्से को,
सीने में दफन हो जाने दो,
तुम राम सा बन नहीं सकते,
यह सच है जरूर,
तन-मन को अपने मर्यादा के,
पदचिन्हों पर, बस जाने दो,
कोई रावण तेरा बाल भी,
बांका कर नहीं सकता,
बस खुद को,
प्रेम का रूप बन जाने दो।

साथ ही साथ स्वीकार करिए बधाई नन्हीं तूलिका का बस एक क्लिक में…

👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *