फिरोज अख्तर बने राजकीय इण्टर कालेज में प्रवक्ता
(सईदुज़्ज़फर)
मऊ । विषय कभी नौकरी में बाधा नहीं बनता अगर इंसान के अन्दर दृढ़ संकल्प हो तो सफलता अवश्य कदम चूमती है ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मऊ निवासी एक बुनकर के पुत्र डाक्टर फिरोज़ अख्तर ने, इन्होंने फारसी विषय की एक सीट के लिए ही चयनित होकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा इण्टर कालेज में फारसी विषय से प्रवक्ता पद के लिए वैकेंसी निकाली गई थी जिसमें फारसी विषय से मात्र एक ही सीट थी जिस के लिए डाक्टर फिरोज़ अख्तर ने लिखित परीक्षा दी तत्पश्चात इन्होंने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की और इन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जिसका परिणाम आज देर शाम घोषित किया गया जिसमें फिरोज़ अख्तर ने एक ही सीट पर कब्जा कर मऊ का नाम रौशन किया साथ ही साथ ये साबित कर दिया कि नौकरी के लिए सीट और विषय कोई मायने नहीं रखता।
आपको बता दें कि फिरोज़ अख्तर मऊ के मुहल्ला बुलाकीपुरा निवासी अबुल कलाम (मोकादम) के पुत्र हैं और इनका सम्बन्ध एक बुनकर परिवार से है।
इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुन्शी तक मदरसा तालीमुद्दीन से और इण्टरमीडिएट भी तालीमुद्दीन इण्टर कालेज से किया।
तत्पश्चात इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और यहीं से बीए, एमए किया और टाप पोजीशन पर रहे, जेआरएफ क्वालीफाई करने में भी इनके सर एक और उपलब्धि है कि इलाहाबाद युनिवर्सिटी के अरबी फारसी डिपार्टमेंट से 19 साल बाद किसी ने फारसी विषय से जेआरएफ क्वालीफाई किया था, इलाहाबाद युनिवर्सिटी से ही इन्होंने अपना रिसर्च पुरा किया और पीएचडी की डिग्री हासिल की, रिसर्च के समय एक बार इन्हें ईरान भी जाने का अवसर मिला।
अपनी कामयाबी का श्रेय इन्होंने खुदा के बाद अपने मां-बाप अबुलकलाम और तशरीफुन्नेसा को देते हुए कहा कि इनकी दुआओं और भाई बहन की मोहब्बतों से आज मैं यहाँ तक पहुंचा हूँ उनका जितना भी शुक्रिया अदा करुं कम है।
इनकी सफलता पर एयू स्टूडेंट्स संगम मऊ की तरफ से ज़की अहमद एडवोकेट, डाक्टर नफीस अब्दुल हकीम, सईदुज़्ज़फर, होज़ैफा शिमला, मो आज़म, इफ्फत हसन, राशेदा, रैहान सईद, लेयाकत अली, मुनव्वर अली, शाहनवाज़ अहमद, मोहम्मद दानिश, वसीम अख्तर, आदिल सुमन, मोहम्मद अनस, सेराज अहमद, तलहा शिमला, शादाब ज़हीर आदि ने बधाई देते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

