मां की डांट फटकार से आजिज 10 साल की बेटी ने घर छोड़ा
मऊ। रोज-रोज मां की डांट से आजिज आकर एक 10 वर्षीय बालिका घर छोड़कर ट्रेन पकड़ कर बिहार से मोहम्मदाबाद, मऊ चली आयी। बालिका को अकेले देख जब इसकी चर्चा ट्रेन में होने लगी तो बात बढ़ते देख धीरे धीरे लोगों की सूचना प्रसून जोशी और उसे 181 रेस्क्यू टीम ने अपने कब्जे में ले लिया कब्जे में लेने के बाद टीम शुक्रवार को बच्ची को लेकर बाल कल्याण समिति मऊ की ऑफिस में संरक्षण हेतु प्रस्तुत किया। बाल कल्याण समिति के पूछने पर बच्ची ने बताया कि मेरा नाम रंजू कुमारी, पिता का नाम रामचंद्र महतो तथा माता का नाम रामदुलारी देवी बेगूसराय बिहार बताया। उसने बताया की मेरी मां अक्सर मुझे डांटती-मारती रहती है। जिससे मैं तंग आकर घर छोड़कर निकल आई हूं। बाल कल्याण समिति के समझाने-बुझाने पर लड़की घर जाने के लिए तैयार हो गई। बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती विनीता पांडेय ने बताया कि लड़की को सुरक्षित रखवाकर उसके मां-बाप को सूचना देने में पूरी टीम लग गई है। जैसे उसके माता-पिता आते हैं बच्ची को उन को सुपुर्द कर दिया जाएगा। लड़की के संरक्षण हेतु सहायता प्रदान करने में जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज, शिवकुमार राम, डॉ विजय नारायण पांडे , शिवानंद सिंह, रंजना मौर्या , निवेदिता आदि मौजूद रहे।

