“बाबा” ने दिया सीता के तपोभूमि मऊ और श्रीराम के जन्मभूमि अयोध्या तक “सीता एक्सप्रेस” ट्रेन चलाने हेतु DRM को पत्र

■ निर्भया सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मां सीता की जन्मस्थली वनदेवी धाम, मऊ जंक्शन व मर्यादा पुरूषोत्तम के जन्मस्थली अयोध्या तक वनदेवी सीता एक्सप्रेस ट्रेन चलाने हेतु DRM वाराणसी रामाश्रय पाण्डेय को पत्र सौंप की अनोखी पहल
वाराणसी। महादेव की नगरी काशी के में स्थित भारतीय रेल के डीआरएम कार्यालय में DRM वाराणसी IRSE रामाश्रय पांडेय से निर्भया सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सदस्य NRUCC रेलवे बोर्ड सतीश मिश्र ‘बाबा’ ने मिल कर इतिहास को जन-जन तक पंहुचाने के लिए एक अनोखी पहल की है। उन्होंने इतिहास में विशेष स्थान रखने वाले मऊ जनपद स्थित मां वनदेवी धाम के की धार्मिक महत्ता की ओर ध्यान दिलाते हुए यहां से श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या तक दैनिक रूप से वनदेवी सीता एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग रखी।
जिस पर DRM श्री पाण्डेय ने विशेष प्रयास करने व अपने वरीय अधिकारियों को इसे अवगत कराने की बात कही।
मांग पत्र सौंपने के बाद श्री बाबा ने बताया कि मां वनदेवी धाम मऊ रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस स्थान को लव एवं कुश का जन्मस्थल भी माना जाता है। इस स्थान का प्रभाव इसलिए भी है क्योंकि यह तपस्विनी सीता की तपोस्थली के रूप में भी विख्यात है जहां जीवन के कठिन दिन मां सीता ने गुजारे थे । मां सीता के प्रभाव एवं आशीर्वाद को इन दोहों के माध्यम से भी देख सकते हैं –

राम प्रिया रघुपति रघुराई बैदेही की कीरत गाई॥
चरण कमल बन्दों सिर नाई, सिय सुरसरि सब पाप नसाई ॥
मऊ के प्रति कुछ अलग करने के लिए संकल्पित सतीप मिश्र बाबा हर समय कुछ न कुछ प्रयास करते रहते हैं। इसी दौरान अपने वाराणसी दौरे के दौरान वे डीआरएम रामाश्रय पाण्डेय से मिलकर उनसे मऊ से लेकर के अयोध्या तक मां सीता के ऐतिहासिकता को ध्यान में रख अपनी बात कही।
बाबा एवं रेल के संयुक्त प्रयासों से यदि यह ट्रेन भविष्य में चलती है तो निश्चित ही इसमें पाण्डेय साहब की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और उनके DRM कार्यकाल में इस प्रयास को ऐतिहासिक माना जायेगा जो बेहद समीचीन है ।
इस ट्रेन के परिचालन से धार्मिक पर्यटन के साथ – साथ रोजगार के भी अवसर सृजित होंगे जिससे लाखों लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा साथ ही मऊ जंक्शन का नाम अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित होगा ।
मुझे पूर्ण आशा ही नहीं दृढ़ विश्वास है कि भविष्य में वनदेवी धाम का स्वर्णिम युग निर्मित होगा।



