आंखों में नए भारत का सपना संजोये बापू के विचारों के साथ नासिक पहुँचे डा०सानन्द
भारत वर्ष के महान राज्य महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर में स्थापित इस देश के महान कॉलेजों का समूह सपकाल कालेज आफ इंस्टिट्यूशन त्रंबकेश्वर रोड अजनेरी कल्याणी हिल्स नासिक में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती के अवसर पर अपने कार्यक्रमों के अनुसार पर्यावरण जागरूकता अभियान, एवं शहीद सम्मान साइकिल यात्रा के क्रम में डा0 सानन्द सिंह सपकाल कालेज पहुंचे l इस दौरान सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेज की मैनेजिंग ट्रस्टी श्रीमती सावित्री सिंह और शिक्षाविद पर्यावरणविद गांधी के विचारों के वाहक डॉक्टर सानन्द सिंह और आचार्य लक्ष्मण चौबे भी मौजूद रहेl डा० प्रीति सिंह ने वरिष्ठ पत्रकार विकास राय गाजीपुर से बताया कि डा० सानन्द सिंह ने पूर्व के निर्धारित अपने कार्यक्रम के अनुसार गांधी के चिंतन धारा ,पर्यावरण , शहीदों के सम्मान ,वृक्षारोपण ,नदियों पर अपनी बेबाक बात प्राध्यापक समूह, विद्यार्थी समूह एवं बोर्ड आफ ट्रस्टीज के समक्ष रखी।
उन्होंने बताया कि, वर्तमान भारत को नई दिशा ,जिसमें विश्व की चेतना और ग्रामीण भारत की उन्नति ,युवाओं को सुनहरा भविष्य, किसानों की खुशहाली ,भारत की संपन्नता का एक मात्र रास्ता महात्मा गांधी हैं l इन्हीं विचारों को लेकर के शिक्षाविद प्रोफेसर डा० सानन्द सिंह और गांधी के चिंतन के विचारक प्रोफेसर योगेंद्र यादव एक साथ मिलकर पर्यावरण जागरूकता अभियान, शहीद सम्मान का कार्यक्रम ,कश्मीर से कन्याकुमारी तक 5000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा 2 अक्टूबर से कर रहे हैं l उसी कार्यक्रम में आज. हम लोग एक तरफ ईश्वर से आशीर्वाद लेने .दूसरी तरफ विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में महात्मा गांधी के कार्यक्रमों को व्याख्यान, के माध्यम से, सभी के बीच पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं ।
कार्यक्रम के बीच में कई प्रश्नों पर अपनी बेबाक राय डॉक्टर सानन्द सिंह के द्वारा रखा गया। महात्मा गांधी, अंबेडकर एवं संघ से, संबंधित बहुत सारे प्रश्न आए l इन सारे सवालों का उत्तर महात्मा गांधी के चिंतन से डॉक्टर सानन्द सिंह ने दिया l मैं बधाई देती हूं ,इसलिए कि महात्मा गांधी के 150वीं जयंती के, इन कार्यक्रमों को जीने और इसमें अपनी जिंदगी देने का काम यह खुद मेरे साथ कर रहे हैं और मैंने भी इनके साथ कार्य करने का निर्णय लिया है l इसे मैं व्यक्तिगत तौर पर ,अपने पति और देश के प्रति जिम्मेदारी मानती हूं l l जिसमें मेरा पूरा परिवार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को विश्व स्तर पर यादगार बनाने के लिए लगातार प्रयत्नशील रहेगा l इसी का सपना मेरे पूज्य पिता सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजेस गाजीपुर उत्तर प्रदेश के संस्थापक कर्मवीर सत्यदेव सिंह ने अपनी आंखों से देखा था l उसे हम सब को पूरा करना है l मैं यह मानकर के चलती हूं ,कि स्वामी विवेकानंद रविंद्र नाथ टैगोर गांधी ,लोहिया ,अंबेडकर के वाकई सपने मेरे पिता कर्मवीर सत्यदेव सिंह की आंखों ने देखा था l उन्हें हम सब को पूरा करना है l उन्हें पूरा करने का रास्ता भारत के विभिन्न राज्यों की गांव की जनता के पास है l जिसे गांधी ने पहचाना था और आजाद हिंदुस्तान की लड़ाई में सबसे पहले गांव की जनता खड़ी हुई थी l मेरा आज विश्वास है कि, पर्यावरण जागरूकता अभियान एवं शहीद सम्मान के हो रहे सभी कार्यक्रमों में भारतवर्ष की महान जनता सबसे पहले खड़ी होगी। यही हमारे नये हिंदुस्तान का सपना है। जिसे हम सभी युवाओं के माध्यम से पूरा करना चाहते हैं।
डा०प्रीति सिंह ने कहा की मुझे आज इस बात की बेहद खुशी है की अपने उत्तर प्रदेश से लगभग डेढ हजार किलोमीटर दूर गाजीपुर से महाराष्ट्र के इलाके में मेरे पतिदेव का बहुत सम्मान हुआ।इनके उद्देश्यों का सम्मान हुआ।इनके सपनों का सम्मान हुआ।यहां का पर्यावरण बिलकुल साफ सुथरा है।यहां का इलाका अपने आप में पहाड़ों एवम बनों से आच्छादित है। यहां के संस्थानों में उच्च कोटि की गुणवत्ता है।हम सभी को यहां से सीखना चाहिए।
@विकास राय
