गोबर से गो काष्ठ(लकड़ी)बनाने की परियोजना का DM ने किया निरीक्षण
० जनपद में संचालित समस्त गो आश्रय स्थलों के समीप गो काष्ठ बनाने हेतु यूनिट लगाने के दिए निर्देश
मऊ। जिलाधिकारी अरुण कुमार द्वारा विकासखंड दोहरीघाट के ग्राम पंचायत सियरही बर्जला में स्थापित गोबर से गो काष्ठ बनाने के प्लांट का निरीक्षण किया गया। इस प्लांट को स्थापित करने में मात्र ₹75000 की लागत आती है, जिसके माध्यम से विभिन्न आकार एवं प्रकार के गो काष्ठ का निर्माण किया जाता है। इस प्लांट से उत्पादित गो काष्ठ को ईंधन के रूप में अंत्येष्टि स्थलों, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में लकड़ी एवं कोयले का ईंधन के रूप में प्रयोग करने वाले दुकानों पर विकल्प के रूप में प्रयुक्त किया जा सकेगा।
इस प्लांट के संचालन में अत्यंत कम लागत एवं अधिक उपयोगिता को देखते हुए जिलाधिकारी ने ऐसी समस्त ग्राम पंचायतों में इस तरह के प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए, जहां पर गो आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है। बृहद गो आश्रय स्थलों के पास पर्याप्त मात्रा में गोबर की उपलब्धता को देखते हुए जिलाधिकारी ने आवश्यकतानुसार संयंत्रों की संख्या बढ़ाने को भी कहा, जिससे स्वयं सहायता समूह से जुड़े लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने निकट स्थित गो आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया, जहां पर कुल 22 गोवंश संरक्षित थे। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी दोहरीघाट को पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरे चारे एवं पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही आसपास घूम रहे निराश्रित गोवंश को भी गो आश्रय स्थल में संरक्षित करने को कहा।इस दौरान खंड विकास अधिकारी दोहरीघाट, डीसी एनएलआरएम सरिता गुप्ता, डीसी एसबीएम सहित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।

