DM और CMO ने हरी झंडी दिखा कर बस और एम्बुलेंस को किया रवाना
■ स्वास्थ्य विभाग को मिली जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित बस
■ कोरोना के साथ-साथ बीपी, अल्ट्रासाउंड जांच में भी मिलेगी मदद
■ यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन और केरल की अम्मा फाउंडेशन ने की नेक पहल
गाजीपुर। कोरोना काल का लेकर पूरे देश में अफरा-तफरी मची हुई है। कोरोना पर काबू और लोगों की पीडा को कम करने के लिए एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग पूरी मुश्तैदी से लगा हुआ है। वहीं स्वयंसेवी संस्थाएं भी लोगों के दर्द को कम करने के लिए कदम से कदम मिलाकर चलने का प्रयास रही है। कुछ इसी तरह का प्रयास किया है संस्था यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन के मार्ग दर्शक संजय राय शेरपुरिया और केरल की अम्मा फाउंडेशन ने। उनके द्वारा स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य सुरक्षा संसाधनों से युक्त एक बस और एक एम्बुलेंस भेजने का कार्य किया गया है, जो जगह-जगह कैंप लगाकर लोगों के इलाज के साथ ही कोविड-19 की भी जांच करने का काम करेगी।
मंगलवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्य ने ट्रामा सेंटर भवन के पास से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी के वक्त में इस संस्था ने जनपद के स्वास्थ्य विभाग को एक बड़ा सहयोग देने का काम किया गया है, जो सराहनीय है। ऐसे में हम जनपद के उन सभी लोगों से आग्रह करना चाहते हैं, जो आर्थिक रूप से सक्षम है, वह भी आगे आए और लोगों की मदद में अपना सहयोग प्रदान करें ताकि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस महामारी की जंग को आसानी से लड़ सके। सीएमओ डा. जीसी मौर्य ने बताया कि इस बस में विभाग को डीप फ्रीजर, जिसमें केमिकल रखा जाएगा, सेंट्रीफ्यूज मशीन, जिसमें ब्लड की जांच की जाती है, ऑटो एनालाइजर मशीन, बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर के साथ ही 7000 लीटर का ऑक्सीजन सिलेंडर, पोर्टेबल वेंटीलेटर, अल्ट्रासाउंड मशीन, एग्जामिनेशन ट्राली, ईसीजी मशीन, डिजिटल एक्स-रे मशीन, टेलीमेडिसिन के यंत्र, ऑक्सीजन मॉनिटर, बीपी, पल्स मशीन के साथ ही हृदय रोगियों के लिए कार्डियकस मशीन से उपलब्ध कराया गया है। जीवन रक्षक यंत्रों से सुसज्जित यह बस ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों का एंटीजन किट से कोविड-19 जांच, आरटी पीसीआर जांच के साथ ही बीमारियों की जांच और जरूरत पड़ने पर ओपीडी के रूप में भी कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि इस मेडिकल बस में कोविड-19 के मेडिकल किट भी उपलब्ध है। जिन मरीजों की जांच के उपरांत पॉजिटिव रिपोर्ट आएगी, उन्हें सिम्टम के अनुसार होम आइसोलेशन या फिर जिला अस्पताल में एडमिट किया जाएगा। ऐसे मरीजों को मेडिकल किट तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उनका तत्काल इलाज शुरू हो सके।

