चार परिवारों में लौटी खुशियां, दो दंपति मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को हुये राजी
मऊ। महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक रविवार को पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर के निर्देशन में पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में हुई। इसमें कुल 14 पारिवारिक मामले आए, जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से तीन मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें दो दंपति ने सभी मतभेद भुलाकर साथ- साथ रहने को तैयार हो गए। एक मामले में विपक्षी के लगातार अनुपस्थिति के चलते अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। शेष पत्रावलियों में बैठक की अगली तिथि तीन मार्च 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
ऐच्छिक ब्यूरो केंद्र के सदस्यों के प्रयास से मंजूर अहमद और एजाज अहमद तथा सुफिया और फैजुर्रहमान ने अपना मतभेद भुलाकर साथ – साथ रहने को तैयार हो गए। वही मीना और संजीत के मामले में विपक्षी संजीत के लगातार अनुपस्थित होने के चलते मामले में अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दिया गया। इस दौरान निशा और रामभजन, सोनम चौबे और सोनू तिवारी तथा आरती गुप्ता और कन्हैया गुप्ता के मामले में पक्षकारों ने समय की मांग किया। वहीं सोनम चौरसिया और दीपचंद चौरसिया, विजय और जयश्री औढेकर,नरेन्द्र और उर्मिला, किरन और सत्येंद्र कुमार के मामले में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए। तथा मुहम्मद इरशाद और गुलशन आरा , फैज अहमद और रेयाज अहमद,प्रतिभा प्रजापति और प्रेमप्रकाश प्रजापति, तथा जितेंद्र और नीलम के मामले में कोई पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि तीन मार्च 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ब्यूरो केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, डा.एम ए खान, मौलवी अरशद, आरक्षी सोनी और इशरावती यादव ने अपना योगदान दिया। बैठक में काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।

