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CBSE स्कूल मैनेजर्स एसोसिएशन UP के प्रदेश प्रवक्ता बनाए गये MAU के मुरलीधर यादव

लखनऊ। सीबीएसई स्कूल मैनेजर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के एक बैठक लखनऊ में लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल मऊ के डायरेक्टर मुरलीधर यादव को संगठन का उत्तर प्रदेश का प्रवक्ता बनाया गया है। श्री यादव को इस पद का दायित्व मिलने पर मऊ जनपद सहित अन्य जनपदों के स्कूल में मैनेजरों में काफी खुशी है लोगों ने श्री यादव को फोन कर कर बधाई दी तथा बैठक में माल्यार्पण करके स्वागत किया।

इसके अलावा नादिम अदहमी (गाजीपुर) वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदेश एवं राजेन्द्र यादव (आजमगढ़), हर्ष श्रीवास्तव (बलिया), पुष्प रंजन अग्रवाल (वाराणसी) क्रमशः प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये गए।
वार्ता में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष श्याम पचौरी सरकार द्वारा निर्देशित फीस में छूट को लेकर सीबीएसई स्कूल मैनेजर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने ट्रांसपोर्ट शुल्क एवं शिक्षण शुक्ल के अतिरिक्त अन्य मदों को पूर्णतया माफ कर दिया है। सभी विद्यालय केवल मासिक आधार पर शिक्षण शुल्क की ही मांगों से कर रहे हैं। परंतु सोशल मीडिया एवं जिला स्तर पर अधिकारियों के विवादास्पद आदेशों के कारण अभिभावक शुल्क ना देने की स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। यहां तक कि सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी ऐसे छोटे बड़े एवं मझोले व्यापारी बड़े इनकम टैक्स पेयर बड़े किसान आदि जिनको करोना महामारी में भी आर्थिक रूप से कोई परेशानी नहीं है अपने बच्चों की फीस सरकार के स्पष्ट आदेश देने के बाद भी नहीं जमा कर रहे हैं। जबकि संज्ञान रहे कि उत्तर प्रदेश सरकार ने समय-समय पर स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि सभी सक्षम अभिभावकों को अपने बच्चों की शिक्षण शुक्ल मासिक आधार पर जमा करनी है। प्रदेश महामंत्री पराग बोस ने कहा कि इस विषय को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रान्ति नहीं होनी चाहिए लेकिन सरकार को एक बार पुनः यह स्पष्ट आदेश जारी करना चाहिए। ताकि निजी विद्यालयों के अध्यापक एवं कर्मचारियों को भुखमरी से बचाया जा सके। सीबीएसई स्कूल मैनेजर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश द्वारा सरकार से मांग की गई कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों पर प्रति छात्र सरकार द्वारा शिक्षण शुल्क में ₹3050 खर्च करना पड़ता है यह राशि मंदी से जूझने वाले निजी विद्यालयों को भी दिया जाए। विद्यालय के लिए बहुत बड़ा बोझ विद्यालय बंद रहने की स्थिति में बिजली का कोई खर्च है फिर भी फिक्स चार्ज ही लिया जा रहा है इस को अविलंब माफ किया जाए किए जाएं ।
इससे अलावा बसों की लगभग 50000 रु मासिक लोन क़िस्त आती है बस परमिट टैक्स भुगतान न किए जाएं इसके लिये भी आदेश जारी करे। ड्राइवर के बैंक खातों में सीधे सरकार मानदेय की व्यवस्था करें ।
विद्यालय बंद होने की अवस्था में बैंक के ब्याज का बोझ निरंतर एवं अनिश्चितकाल के लिए बढ़ता जा रहा है इस पर तुरंत रोक लगाई जाए और संगठन की माँग है कि महामारी काल तक हमें सुविधा प्रदान की जाए विद्यालय बंद होने की अवस्था में अध्यापक एवं कर्मचारियों के बैंक खातों में सरकार से सीधे अनुदान भेजा जाए ताकि उनके परिवारों का भरण-पोषण हो सके ।
मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं मुख्य सचिव के आदेशों की अवहेलना करके अधिकारी कई बार अपने विवादास्पद आदेश जारी करते हैं उन्हें अविलंब रोका जाए और आगे भी ऐसे आदेश ना दें इसके लिए स्पष्ट मना किया जाए ।
सरकार यह भी स्पष्ट आदेश जारी करें जो अभिभावक सक्षम श्रेणी में आते हैं एवं सरकारी कर्मचारी हैं चाहे वह राज्य सरकार या केंद्र सरकार के हो या इनकम टैक्स देने वाले हो वो अपने बच्चों के शुल्क मासिक आधार पर अवश्य जमा करें ।
सरकार द्वारा यह स्पष्ट आदेश जारी होना चाहिए कि सत्र किसी भी अवस्था में शून्य नहीं होगा।

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